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उत्तर प्रदेश: थाने में फरियादी महिला पर दरोगा की दबंगई, थप्पड़ मारने का वीडियो हाउ वायरल
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के चौबेपुर थाने में एक महिला फरियादी गीता देवी अपनी ज़मीन पर हो रहे अवैध कब्ज़े की शिकायत लेकर बार-बार चक्कर काट रही थीं भाजपा सरकार के ज़ीरो टॉलरेंस और भू-माफियाओं पर कार्रवाई के दावों के उलट, यहाँ पीड़ित को न्याय मिलने के बजाय थाने के भीतर ही प्रताड़ित किया गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के चौबेपुर थाने में एक महिला फरियादी गीता देवी अपनी ज़मीन पर हो रहे अवैध कब्ज़े की शिकायत लेकर बार-बार चक्कर काट रही थीं भाजपा सरकार के ज़ीरो टॉलरेंस और भू-माफियाओं पर कार्रवाई के दावों के उलट, यहाँ पीड़ित को न्याय मिलने के बजाय थाने के भीतर ही प्रताड़ित किया गया। चौबेपुर थाने की दरोगा रोशनी सिंह ने ज़मीन के मामले पर कार्रवाई करने के बजाय आपा खो दिया और पीड़ित महिला को महज 8 सेकेंड में 5 थप्पड़ जड़ दिए। ज़मीन की शिकायत पर दरोगा की बदतमीजी आज तेरा इलाज करती हूँ। पीड़ित महिला अपनी कीमती ज़मीन को बचाने की गुहार लगा रही थी, लेकिन दरोगा रोशनी सिंह उसकी फरियाद सुनने को तैयार नहीं थींअपनी प्रशासन की नाकामी को छुपाने और पीड़ित को डराने के लिए दरोगा ने महिला पर थप्पड़ों की बरसात कर दी महिला को पीटते हुए दरोगा कैमरे में साफ कहती दिख रही हैं। तुम्हारी रोज़-रोज़ की शिकायत से तंग आ चुकी हूँ आज तेरा इलाज करती हूँ। इसमें सरकार के खिलाफ डालो प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल एक तरफ सरकार ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात करती है, लेकिन जब कोई पीड़ित महिला थाने पहुँचती है, तो पुलिस भू-माफियाओं के खिलाफ कदम उठाने के बजाय फरियादी को ही पीटकर भगा देती है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि एक गरीब महिला की ज़मीन के मामले को दबाने और थाने में मारपीट करने वाली दरोगा पर कानूनी मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। थानों के भीतर पुलिस अपनी इसी नाकामी, बदतमीजी और गुंडागर्दी को छुपाने के लिए आम जनता को वीडियो नहीं बनाने देती, ताकि ज़मीन और प्रॉपर्टी के मामलों में चल रहा खेल बाहर न आ सके। यह घटना साफ करती है कि ज़मीन के विवादों में पुलिस का रवैया पीड़ितों के प्रति कितना असंवेदनशील हो चुका है जनता मांग कर रही है कि पीड़ित महिला की ज़मीन से अवैध कब्ज़ा हटाया जाए और आरोपी दरोगा पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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