Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: अंबेडकर पार्क की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप, निष्पक्ष पैमाइश और कार्रवाई की करी मांग

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Arvind Kumar Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 05/08/2026 03:30:32 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Arvind Kumar Vishwakarma ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 05/08/2026 03:30:32 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद के पारा गांव में स्थित अंबेडकर पार्क की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद के पारा गांव में स्थित अंबेडकर पार्क की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022 से अब तक कई बार जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और तहसील दिवस में शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।शिकायत के अनुसार, मौजा पारा की आराजी संख्या 841 में स्थित लगभग 0.1000 हेक्टेयर भूमि अंबेडकर पार्क के लिए दर्ज है। शिकायतकर्ता राहुल कुमार का आरोप है कि राजस्व विभाग द्वारा कराई गई पैमाइश पूरी तरह नहीं की गई और केवल लगभग आधे हिस्से की ही नाप की गई। उनका दावा है कि पैमाइश के दौरान भी सड़क की ओर करीब तीन फीट और पीछे की ओर लगभग दस फीट तक अतिक्रमण मिलने की बात सामने आई थी, जिसके बाद सीमांकन भी किया गया, लेकिन अब तक कथित कब्जा नहीं हटाया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्माण कार्य रोकने के लिए उन्होंने पुलिस सहायता के लिए डायल-112 पर भी सूचना दी थी। हालांकि, उनका आरोप है कि बाद में निर्माण कार्य जारी रहा। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। राहुल कुमार ने यह भी दावा किया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र के संबंध में 31 जुलाई 2026 को प्रस्तुत रिपोर्ट में विपक्षी की भूमि कम होने का उल्लेख किया गया, जबकि उनकी मांग अंबेडकर पार्क की भूमि की पूर्ण पैमाइश कराकर कथित अतिक्रमण हटाने की थी। ग्रामीणों ने शासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पार्क की दोबारा निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए, यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए तथा मामले में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।


Featured News