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उत्तर प्रदेश: छह साल पुराने मंजू हत्याकांड में अदालत का फैसला, 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जनपद के थाना नागल क्षेत्र में छह वर्ष पूर्व हुए चर्चित मंजू हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को फांसी के फंदे से तो बचा लिया, लेकिन उसे जीवनभर के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जनपद के थाना नागल क्षेत्र में छह वर्ष पूर्व हुए चर्चित मंजू हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को फांसी के फंदे से तो बचा लिया, लेकिन उसे जीवनभर के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के मार्गदर्शन में चल रहे 'ऑपरेशन कंविक्शन' के तहत मॉनिटरिंग सैल द्वारा की गई सशक्त पैरवी की बदौलत देवबंद स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त जैनेन्द्र पुत्र ईश्वरपाल, निवासी सलेपुर को धारा 302 भादवि (हत्या) में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। कि 8 अप्रैल 2020 को मृतका के भाई तेजपाल, निवासी तल्हाड़ी खुर्द ने पुलिस को शिकायत दी थी कि जैनेन्द्र ने मामूली विवाद में अपनी पत्नी मंजू का रस्सी से गला घोंटकर कत्ल कर दिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तत्कालीन विवेचक निरीक्षक जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जांच पूरी की और ठोस सबूतों के साथ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता एडीजीसी देवी दयाल शर्मा के तीखे तर्कों और पैरोकार कांस्टेबल अनुग्रह कुमार के मजबूत तालमेल ने आरोपी के बचाव के सभी रास्ते बंद कर दिए, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने 17 सितंबर 2026 को आरोपी को कानून के शिकंजे में लेते हुए यह कठोर सजा सुनाई।
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