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उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद में बेमौसम बारिश और आंधी से किसानों की फसलें बर्बाद

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उत्तर प्रदेश  Published by: Amar Deep , Date: 06/04/2026 05:15:52 pm Share:
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  • 06/04/2026 05:15:52 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की कमर तोड़ दी है। शनिवार और रविवार की शाम तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें बुरी तरह तबाह हो गई हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की कमर तोड़ दी है। शनिवार और रविवार की शाम तेज हवाओं के साथ हुई बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें बुरी तरह तबाह हो गई हैं। मक्का, गेहूं और तंबाकू की खेती करने वाले किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिससे उनके चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।

खेतों में बिछ गई मक्का, गेहूं पड़ा काला तेज आंधी के कारण खेतों में लहलहाती मक्का की फसलें जमीन पर बिछ गई हैं, जिससे इस साल मक्का के उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। किसानों को इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन आंधी-बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। गेहूं किसानों पर कुदरत की दोहरी मार पड़ी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल हवा और बारिश से गिर गई है, जिससे उपज और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगे। वहीं, जिन खेतों में फसल कट चुकी थी, वहां पानी भर जाने से गेहूं की फसल भीग कर काली पड़ गई है।

तंबाकू और आम के उत्पादन पर भी भारी असर नकदी फसल के रूप में तंबाकू की खेती करने वाले किसानों को भी इस मौसम ने गहरे संकट में डाल दिया है। खेतों में कटी पड़ी तंबाकू बारिश में भीग गई है। किसानों के अनुसार, भीगने के कारण तंबाकू के लाल पड़ने का खतरा काफी बढ़ गया है, जिसके चलते अब बाजार में उन्हें अपनी उपज का उचित दाम मिलने की संभावना ना के बराबर है। इसके अलावा, बागवानी से जुड़े किसानों का कहना है कि आंधी और बारिश का सीधा असर आम के बौर (मंजर) पर पड़ा है, जिससे इस वर्ष आम की पैदावार में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

कर्ज में डूबे किसानों की आपबीती पहले आलू ने रुलाया, अब तंबाकू ने डुबोया: शमशाबाद के रहने वाले किसान रामलडेते ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्होंने 17 बीघा जमीन में तंबाकू की खेती की थी। इसमें करीब 1.5 लाख रुपये की लागत आई थी, जिसके लिए उन्होंने कुछ पैसे उधार भी लिए थे। सप्ताहांत में हुई बारिश से उनकी पूरी कटी हुई फसल भीग गई है। रामलडेते ने कहा, "बारिश में भीगने से तंबाकू के लाल होने का खतरा बढ़ गया है। पहले आलू में भाव नहीं मिला, वहां भी घाटा हुआ और अब तंबाकू भी बर्बाद हो गई। हमारी पूरे साल की मेहनत बेकार चली गई है।"

गेहूं का दाना हुआ काला:* कमालगंज विकासखंड के गांव काला झाला के निवासी हाकिम सिंह ने बताया कि उन्होंने दो बीघा खेत में गेहूं बोया था। फसल कटकर खेत में ही पड़ी थी। आंधी-बारिश के कारण खेत में पानी भर गया और पूरी फसल भीग गई। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि अब गेहूं का दाना भी काला पड़ रहा है और उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। प्रशासन से अब तक किसी भी प्रकार के मुआवजे या सर्वे की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अन्नदाता इस अचानक आई आपदा से पूरी तरह टूट चुके हैं और सरकार की ओर मदद की आस लगाए बैठे हैं।