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उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण रोकने के प्रयासों पर उठे सवाल, स्वीपिंग मशीन से सफाई के दौरान उड़ रही धूल
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शासन और प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शासन और प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां 60 मीटर रोड पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग और ठेकेदार की ओर से स्वीपिंग मशीन के जरिए सड़क की सफाई कराई जा रही है। आरोप है कि सफाई के दौरान मशीन से बड़ी मात्रा में धूल उड़ रही है, जिससे प्रदूषण कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका है। एक तरफ प्रशासन वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए अलग-अलग कदम उठा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सफाई के दौरान उड़ती धूल इन प्रयासों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय स्तर पर इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी जताई जा रही है। एक्टिव सिटीज़न टीम के सदस्य हरेन्द्र भाटी ने इस मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने संबंधित विभाग और ठेकेदार को निर्देश देने की अपील की है कि स्वीपिंग मशीन से सफाई करते समय धूल न उड़े, इसके लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। हरेन्द्र भाटी का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार पानी का छिड़काव कराकर वैज्ञानिक तरीके से सड़कों की सफाई कराई जानी चाहिए, ताकि सफाई के नाम पर वायु प्रदूषण को बढ़ावा न मिले। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस शिकायत पर कितना जल्द संज्ञान लेता है और सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाता है।
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