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उत्तर प्रदेश: ब्लॉक की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल, मूलभूत सुविधाओं की कमी से कर्मचारी और फरियादी परेशान

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 03/07/2026 03:06:44 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 03/07/2026 03:06:44 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सेमरियावां विकास योजनाओं का केंद्र माने जाने वाला सेमरियावां ब्लॉक परिसर खुद बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सेमरियावां विकास योजनाओं का केंद्र माने जाने वाला सेमरियावां ब्लॉक परिसर खुद बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। जहां एक ओर सरकार ग्रामीण विकास और सुशासन के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। ब्लॉक कार्यालय की मौजूदा स्थिति ने न सिर्फ व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली को भी कठघरे में ला खड़ा किया है। सूत्रों के अनुसार, ब्लॉक परिसर में कार्यरत कर्मचारियों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। बेहतर कार्यालय व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की कमी के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है। नए भवन का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण कर्मचारियों को लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है।

इसी तरह सचिवों के लिए प्रस्तावित टाइप-2 आवास का निर्माण कार्य भी वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे संबंधित कर्मियों को आवासीय समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय में फाइलों का रखरखाव भी अव्यवस्थित स्थिति में है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। सबसे बड़ी समस्या पेयजल व्यवस्था को लेकर सामने आई है। ब्लॉक परिसर में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है, जबकि लाखों रुपये की लागत से लगाई गई आरओ मशीन लंबे समय से बंद पड़ी हुई है। यह स्थिति विभागीय लापरवाही की ओर स्पष्ट संकेत करती है।

इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख कार्यालय की छत पर उगी घास और खराब रखरखाव भी परिसर की स्थिति को उजागर कर रहा है। यह दृश्य प्रशासनिक उदासीनता को साफ तौर पर दर्शाता है। कर्मचारी और फरियादी दोनों ही इस बदहाल व्यवस्था के कारण परेशान हैं और अपने कार्यों के लिए भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि जब विकास का केंद्र ही अव्यवस्था का शिकार हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब इस ब्लॉक परिसर की बदहाल व्यवस्था सुधरेगी और कर्मचारियों व आम जनता को एक बेहतर, सुविधाजनक और आधुनिक कार्य वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

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