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उत्तर प्रदेश: गुरु पूर्णिमा पर समरसता संकल्प अभियान, खुशालपुर जाटव बस्ती में हुआ जनसंवाद

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ajay Saxena , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 29/07/2026 01:48:19 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 29/07/2026 01:48:19 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: आज भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद महानगर के पूर्व महानगर अध्यक्ष श्री मनोज कुमार गुप्ता एडवोकेट ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित "समरसता संकल्प अभियान" के

विस्तार

उत्तर प्रदेश: आज भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद महानगर के पूर्व महानगर अध्यक्ष श्री मनोज कुमार गुप्ता एडवोकेट ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित "समरसता संकल्प अभियान" के अंतर्गत खुशालपुर जाटव बस्ती में नागरिकों के साथ जनसंवाद किया। इस अवसर पर श्री मनोज कुमार गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी का संपूर्ण जीवन मानवता, समानता, सेवा और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि व्यक्ति की महानता उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, विचार और चरित्र से होती है। हमें अपने मन को सदैव पवित्र, निर्मल और सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण रखना चाहिए तथा किसी के प्रति द्वेष, ईर्ष्या या बुरे भाव नहीं रखने चाहिए।

उन्होंने संत रविदास जी के प्रसिद्ध वचन "मन चंगा तो कठौती में गंगा" का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मन शुद्ध और निष्कपट हो तो ईश्वर की कृपा हर स्थान पर प्राप्त होती है। साथ ही उन्होंने संत रविदास जी की यह प्रेरणा भी साझा की कि "ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न; छोट-बड़ो सब सम बसें, रविदास रहे प्रसन्न।" यह संदेश सामाजिक समानता, न्याय और प्रत्येक व्यक्ति के सम्मानपूर्ण जीवन की प्रेरणा देता है। श्री मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि आज कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए समाज को जाति और वर्ग के आधार पर विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आवश्यक है कि समाज में समरसता, सामाजिक एकता और परस्पर विश्वास का वातावरण सुदृढ़ हो। प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और सम्मान मिले, तभी विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। न्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण का मूल आधार है। यदि हम सभी इस विचार को अपने जीवन में आत्मसात करें, तो एक सशक्त, समरस और विकसित भारत का निर्माण निश्चित रूप से संभव होगा।


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