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उत्तर प्रदेश: विश्व आदिवासी दिवस पर सपा को मिला समर्थन, 2027 के लिए बढ़ी हलचल
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी स्वाभिमान पार्टी (बिरसा मुंडा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद मुसहर और उनके सहयोगी लोग रविवार दोपहर अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी स्वाभिमान पार्टी (बिरसा मुंडा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद मुसहर और उनके सहयोगी लोग रविवार दोपहर अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सपा को समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में काम करेंगे और 2027 में प्रदेश में पीडीए की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटेंगे। आनंद मुसहर ने कहा कि आदिवासी और मुशहर समाज लंबे समय से अपने अधिकार, सम्मान और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। समाज के बड़ी संख्या में लोगों के पास अपनी जमीन और स्थायी आवास नहीं है। शिक्षा और स्वास्थ्यसुविधाओं की स्थिति भी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए वह अपने संगठन और समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने पार्टी कार्यालय पहुंचे आदिवासी-मुशहर समाज के लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कियह समाज लंबे समय से उपेक्षा का सामना कर रहा है। कई परिवारों के पास स्थायी आवास और जमीन के अधिकार स्पष्ट नहीं हैं, जिसके चलते उनमें हमेशा उजड़ने का डर बना रहता है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रमुख मांगों में स्थायी आवास, जमीन का मालिकाना हक, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व शामिल हैं।गोपाल यादव ने कहा कि यह केवल एक सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और चेतना का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार समाज के लोग खुद किसी राजनीतिक दल के कार्यालय पहुंचे और अपनी इच्छा से समर्थन का ऐलान किया है। गाजीपुर में सवा लाख मतदाता, बदल सकते हैं चुनावी समीकरण सपा जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि गाजीपुर में आदिवासी-मुशहर समाज के करीब सवा लाख मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि यह समाज जिस राजनीतिक पक्ष की ओर मजबूती से जाता है, वहां चुनावी समीकरण पर बड़ा असर पड़ सकता है। 2027 के विधानसभा चुनाव में इस समर्थन का प्रभावदिखाई देने का दावा भी उन्होंने किया। उन्होंने कहा कि अब तक राजनीतिक दलों पर आरोप लगते रहे हैं कि वे संसाधन देकर या चुनाव के समय संपर्क कर इस समाज के वोट हासिल करने का प्रयास करते हैं। इस बार समाज के लोग खुद अपने खर्च और संसाधनों से सपा कार्यालय पहुंचे हैं। उनके मुताबिक, यह अखिलेश यादव के प्रतिभरोसे और अपने अधिकारों की लड़ाई को राजनीतिक मंच देने की इच्छा को दर्शाता है। आनंद मुसहर बोले- अधिकारों के लिए मिलकर करेंगे काम आनंद मुसहर ने कहा कि आदिवासी स्वाभिमान पार्टी अपने समाज के लोगों के साथ समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के साथ मिलकर काम करना चाहती है। उन्होंने प्रदेश में पीडीए की सरकार बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने समाज के अधिकार, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और जमीन के स्थायी अधिकार की मांगों को प्रमुखता से उठाया। जुटी भीड़ को पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बताया। वहीं, आदिवासी स्वाभिमान पार्टी के सपा के समर्थन में आने की घोषणा के बाद गाजीपुर में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।
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