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उत्तर प्रदेश: वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर धामूपुर पहुंचे दो केंद्रीय मंत्री, परमवीर चक्र विजेता को किया नमन
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के 61वें शहादत दिवस पर गुरुवार को उनके पैतृक गांव धामूपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के 61वें शहादत दिवस पर गुरुवार को उनके पैतृक गांव धामूपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय धामूपुर पहुंचे। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, राष्ट्रप्रेम और देश की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान वीर अब्दुल हमीद की वीरगाथा और उनके सैन्य जीवन को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। 1965 के युद्ध में दिखाया अदम्य साहस वीर अब्दुल हमीद ने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान असाधारण वीरता और साहस का परिचय दिया था। पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में 10 सितंबर 1965 को उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। युद्धभूमि में उनके अद्वितीय शौर्य और वीरता को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनका बलिदान भारतीय सैन्य इतिहास में साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल माना जाता है। धामूपुर में आज भी जिंदा है वीरगाथा गाजीपुर का धामूपुर गांव वीर अब्दुल हमीद की जन्मभूमि होने के कारण देशभर में विशेष पहचान रखता है। उनके शौर्य और देश के लिए दिए गए बलिदान की गाथा आज भी लोगों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती है। 1965 के युद्ध में उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभाला और दुश्मन के सामने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उनके राष्ट्रप्रेम और वीरता को याद किया गया तथा उनकी स्मृति को नमन किया गया। देश हमेशा याद रखेगा सर्वोच्च बलिदान वीर अब्दुल हमीद का जीवन भारतीय सैनिकों के साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस वीर योद्धा को परमवीर चक्र से सम्मानित किया जाना उनके असाधारण शौर्य का प्रमाण है। उनके 61वें शहादत दिवस पर धामूपुर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से उनके बलिदान को याद किया गया। केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया और देश की सुरक्षा के लिए उनके योगदान को स्मरण किया गया।
