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गुजरात: RBSK टीम की पहल से भिस्या आंगनवाड़ी के बच्चे का ‘क्लब फुट’ सफल सर्जरी से हुआ ठीक
- Photo by : social media
संक्षेप
गुजरात: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत टीम नंबर 605 (PHC गाढ़वी) द्वारा एक सराहनीय कार्य किया गया है। भिस्या आंगनवाड़ी केंद्र (तहसील-आहवा) के बालक अक्षित अश्विनभाई चौधरी का जन्म
विस्तार
गुजरात: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत टीम नंबर 605 (PHC गाढ़वी) द्वारा एक सराहनीय कार्य किया गया है। भिस्या आंगनवाड़ी केंद्र (तहसील-आहवा) के बालक अक्षित अश्विनभाई चौधरी का जन्म 07/10/2025 को सिविल अस्पताल, आहवा में 'क्लब फुट' जैसी जन्मजात विकृति के साथ हुआ था। क्या है क्लब फुट (Clubfoot)? क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है जिसमें बच्चे के पैर का आकार सामान्य नहीं होता। इसमें पैर अंदर की ओर मुड़ा होता है और एड़ी ऊपर की ओर उठी रहती है, जिससे बच्चे को पैर सीधा जमीन पर रखने में कठिनाई होती है।
RBSK टीम ने बच्चे के अभिभावकों को क्लब फुट के बारे में उचित मार्गदर्शन दिया और बेहतर इलाज के लिए बच्चे को समय रहते श्रीमद् राजचंद्र अस्पताल, धरमपुर रेफर किया। वहां पोनसेटी (Ponseti) पद्धति के माध्यम से बच्चे का सफल उपचार किया गया। वर्तमान में, यह बच्चा RBSK टीम नंबर 605 के नियमित फॉलो-अप में है और उसके पैरों में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।
लक्षण: पैर का अंदर की तरफ मुड़ा होना, एड़ी का जमीन पर न टिकना और पैर का आकार छोटा या छोटा लगना। यह समस्या एक या दोनों पैरों में हो सकती है।
कारण: गर्भावस्था के दौरान पैरों की हड्डियों और ऊतकों (tissues) का ठीक से विकास न होना या आनुवंशिक (genetic) कारणों से यह समस्या हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सही समय पर इसका उपचार किया जाए, तो बच्चा पूरी तरह से सामान्य रूप से चल सकता है।