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उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में बघौली के 12 छूटे राजस्व गांवों को मिलेगा हर घर नल से जल, ₹21.43 करोड़ के डीपीआर को मंजूरी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 10/09/2026 11:33:33 am Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 10/09/2026 11:33:33 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में जल जीवन मिशन के तहत विकासखंड बघौली के पूर्व में योजना से छूटे 12 राजस्व गांवों को अब हर घर नल से जल की सुविधा से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में जल जीवन मिशन के तहत विकासखंड बघौली के पूर्व में योजना से छूटे 12 राजस्व गांवों को अब हर घर नल से जल की सुविधा से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 21.43 करोड़ रुपये के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके बाद प्रस्ताव को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (एसडब्ल्यूएसएम), लखनऊ को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बघौली विकासखंड के उन राजस्व गांवों को जल जीवन मिशन के दायरे में लाने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई, जो पहले योजना से छूट गए थे। अधिकारियों ने गांवों में पेयजल की आवश्यकता और प्रस्तावित कार्यों से संबंधित जानकारी जिलाधिकारी के समक्ष रखी।

बैठक में भैसँथ, दोढ़या, लोरीक बारी, हरापट्टी, हरदी, कुरियापार बेलहसा, कदमा, मदरहा, महला, चिलवानखोर और सुबरवनकोट समेत कुल 12 राजस्व गांवों को योजना से आच्छादित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के तहत इन गांवों के ग्रामीण परिवारों तक पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने 21.43 करोड़ रुपये के डीपीआर को जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम महेंद्र राम को निर्देश दिया कि स्वीकृत डीपीआर को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय, लखनऊ को भेजा जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि इन 12 छूटे हुए राजस्व गांवों को जल जीवन मिशन से जोड़ने से ग्रामीण परिवारों को घर-घर नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा। योजना के लागू होने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम होगी और सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, कृषि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी, भूगर्भ जल विभाग के अधिशासी अभियंता, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
 

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