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उत्तर प्रदेश: रेशम उद्योग को बढ़ावा देने मैदान में उतरे DM, थारू युवाओं को जोड़ने के दिए निर्देश
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जनपद बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई दिशा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जनपद बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई दिशा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने विकास खंड बलरामपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म, बालपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेशम उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को उद्योग के विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रेशम कीट पालन की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने रेशम किसानों को रेशम कीट एवं शहतूत के पौधों के वितरण की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसानों को समय पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने रेशम के काकून और रेशमी धागे के विपणन की व्यवस्था का भी विस्तृत निरीक्षण किया। डीएम विपिन कुमार जैन ने कहा कि रेशम उद्योग में केवल काकून बेचने तक सीमित रहने के बजाय मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेशमी धागे और उससे तैयार उत्पादों के निर्माण एवं विपणन को बढ़ावा दिया जाए, ताकि किसानों और उद्यमियों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सके। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।जिलाधिकारी ने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत जिले की थारू जनजाति के युवाओं और महिलाओं को रेशम उद्योग से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि थारू समुदाय को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें पावरलूम, रेशमी धागा निर्माण और तैयार रेशमी उत्पादों के उत्पादन से जोड़ा जाए। उनका कहना था कि इससे जनजातीय समुदाय की आय में वृद्धि होगी और उन्हें स्थायी आजीविका के बेहतर अवसर मिलेंगे। डीएम ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य बलरामपुर में रेशम उद्योग को मजबूत बनाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार का विस्तार करना और जिले को रेशम उत्पादन के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में विकसित करना है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उद्यान एवं रेशम विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को रेशम उत्पादन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से बलरामपुर में रेशम उद्योग को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
