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उत्तर प्रदेश: पहली बारिश में डूबी सड़कें, जलभराव से नाराज लोगों का नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: खुर्जा बुलंदशहर मानसून की पहली ही बारिश ने खुर्जा नगर पालिका परिषद के जल निकासी संबंधी दावों की पोल खोल दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: खुर्जा बुलंदशहर मानसून की पहली ही बारिश ने खुर्जा नगर पालिका परिषद के जल निकासी संबंधी दावों की पोल खोल दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जगह-जगह सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों का आवागमन प्रभावित रहा। सबसे अधिक परेशानी ककराला स्थित भार्गव वाली गली के लोगों को झेलनी पड़ी। स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका परिषद के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए "हाय-हाय" के नारे लगाए और आरोप लगाया कि वे पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जलभराव की समस्या की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले पर अतिक्रमण होने के कारण बारिश का पानी गली में भर जाता है और कई बार घरों में भी घुस जाता है। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। प्रदर्शन कर रहे भार्गव गली के लोगों ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की कि या तो गली का स्तर ऊंचा कराया जाए या नाले को अतिक्रमण मुक्त कराकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क जाम करने के लिए मजबूर होंगे, चाहे इसके लिए उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े। उधर, कॉलेज रोड, सुभाष रोड, कबाड़ी बाजार, नवलपुरा, बीना वाला चौक, लाल कुआं वाली गली, एनआरईसी कॉलेज सहित शहर के कई क्षेत्रों में भी हल्की बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई। इससे छात्रों, राहगीरों और वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन नगर पालिका परिषद अब तक स्थायी समाधान नहीं कर सकी है। कई शिकायतों और पूर्व में हुई घटनाओं के बावजूद जल निकासी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन जलभराव ने इस राहत का आनंद फीका कर दिया और नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।
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