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उत्तर प्रदेश: 2017 भूमि विवाद हत्या मामले में दो को दोषी ठहराया गया, आजीवन कारावास की मिली सजा
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: महराजगंज जमीनी विवाद में महिला की मां की गोली मारकर हत्या करने और परिवार को जान-माल की धमकी देने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: महराजगंज जमीनी विवाद में महिला की मां की गोली मारकर हत्या करने और परिवार को जान-माल की धमकी देने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला महराजगंज के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-1) की अदालत ने शुक्रवार को सुनाया। पुलिस के अनुसार, यह मामला थाना पनियरा में वर्ष 2017 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 234/2017 से संबंधित है। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 506 और 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस का आरोप था कि जमीनी विवाद को लेकर आरोपियों ने वादिनी की मां पर कट्टे से फायर कर उनकी हत्या कर दी थी। इसके साथ ही परिवार को जान-माल की धमकी देने का भी आरोप था। दो आरोपियों को दोषी करार मामले में अभियुक्त पिन्टू उर्फ विनोद पुत्र शिवशंकर मौर्य, निवासी माधवनगर, थाना पनियरा और मनोज सिंह पुत्र उदय शंकर सिंह, निवासी सतगुर चौराहा, थाना पनियरा के खिलाफ न्यायालय में विचारण चला। पुलिस की ओर से मामले में प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी विचारण के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-1), महराजगंज की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित महत्वपूर्ण मुकदमों में प्रभावी पैरवी और अभियोजन विभाग से समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में इस मामले में भी प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस के अनुसार, मुकदमे के त्वरित निस्तारण और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। इसी का परिणाम रहा कि मामले में अदालत ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास से दंडित किया। मामले में पुलिस की ओर से पैरोकार अभिषेक यादव, थानाध्यक्ष कुंवर गौरव सिंह तथा अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अजित कुमार सिंह ने पैरवी की।
