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मध्य प्रदेश: कैंप में ऋण प्रक्रिया हुई तेज, पात्र हितग्राहियों को मिले स्वीकृति पत्र
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
मध्य प्रदेश: कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध एवं सुगम ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अग्रणी बैंक कार्यालय, मुरैना द्वारा जनपद पंचायत कैलारस में द्वितीय क्रेडिट आउटरीच कैंप का आयोजन किया गया।
विस्तार
शिविर का मुख्य उद्देश्य उन हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों का पुनर्विचार करना था, जिनके आवेदन बैंक शाखाओं द्वारा संपर्क स्थापित नहीं हो पाने के कारण अस्वीकृत कर दिए गए थे। इसके साथ ही विभिन्न बैंक शाखाओं में लंबित विचाराधीन प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में भी विशेष प्रयास किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजन, एमएसएमई शाखा, डीएफओ ग्वालियर ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना देश के पारंपरिक शिल्पकारों एवं कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी पहल है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से पात्र हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों का शीघ्र, पारदर्शी एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया, जिससे अधिकाधिक लाभार्थी योजना का लाभ प्राप्त कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर ग्रामोद्योग अधिकारी श्री जगदीश यादव, अग्रणी जिला प्रबंधक मुरैना श्री सिद्धार्थ कुमार सहित कैलारस, पहाड़गढ़ एवं सबलगढ़ क्षेत्र के अनेक आवेदक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृत होने वाले पात्र हितग्राहियों को मुख्य अतिथि श्री राजन द्वारा ऋण स्वीकृति एवं संवितरण पत्र प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने योजना के माध्यम से प्राप्त वित्तीय सहयोग के लिए भारत सरकार, जिला प्रशासन एवं बैंकिंग तंत्र के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि ने हितग्राहियों को ऋण राशि का सदुपयोग करते हुए अपने पारंपरिक व्यवसाय को सुदृढ़ बनाने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया। शिविर में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत जिले के 1434 ऐसे पंजीकृत आवेदकों, जिनके ऋण आवेदन बैंक शाखाओं द्वारा संपर्क स्थापित नहीं हो पाने के कारण अस्वीकृत कर दिए गए थे, उनके प्रकरणों के पुनर्विचार की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके अतिरिक्त 389 विचाराधीन ऋण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित बैंक शाखाओं एवं विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वित प्रयास किए गए। शिविर के दौरान विभिन्न बैंक शाखाओं के शाखा प्रबंधकों ने हितग्राहियों से सीधे संवाद स्थापित कर आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया तथा पात्र आवेदनों के शीघ्र अनुमोदन का आश्वासन दिया। शिविर में कुल 150 विश्वकर्मा हितग्राहियों ने सहभागिता की, जिनमें से 90 आवेदनों पर पुनर्विचार किया गया तथा 16 हितग्राहियों को ऋण संवितरण पत्र प्रदान किए गए। शेष आवेदकों को आगामी प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए एक से दो दिवस के भीतर संबंधित बैंक शाखा में उपस्थित होने की सलाह दी गई। अग्रणी जिला प्रबंधक श्री सिद्धार्थ कुमार ने कहा कि ऐसे क्रेडिट आउटरीच कैंपों का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक बैंकिंग सेवाओं की सहज एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं से निर्देशानुसार लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ उपलब्ध कराने का आग्रह किया। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों ने सहभागिता कर बैंक अधिकारियों एवं विभागीय प्रतिनिधियों से ऋण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के माध्यम से अनेक लंबित प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया गया तथा शेष प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। अंत में ग्रामोद्योग अधिकारी श्री जगदीश यादव ने सभी हितग्राहियों, बैंक अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए योजना के महत्व पर प्रकाश डाला तथा शिविर का समापन किया। यह क्रेडिट आउटरीच कैंप प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, बैंकिंग सेवाओं की सुलभता तथा जिले के पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।
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