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मध्य प्रदेश: 90% से कम ई-अटेंडेंस पर शिक्षकों का सस्पेंशन तय
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: स्कूल शिक्षा विभाग ने लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है विभाग ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90% से कम होगी
विस्तार
मध्य प्रदेश: स्कूल शिक्षा विभाग ने लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है विभाग ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90% से कम होगी, उन्हें सीधे सस्पेंड किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से विस्तृत रिपोर्ट मांग ली है इस कड़े फैसले की जद में सिर्फ शिक्षक ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले प्राचार्य और जिम्मेदार अफसर भी आएंगे, उन पर भी सख्त एक्शन लिया जाएगा वेतन कटौती के बाद अब सीधे सस्पेंशन विभाग इस नियम को लेकर शुरुआत से ही सख्त रहा है इससे पहले, ई-अटेंडेंस 90% से कम होने पर शिक्षकों को स्वैच्छिक तबादले (वॉलंटरी ट्रांसफर) के लिए आवेदन करने से भी रोका गया था इसके बाद विभाग ने वेतन कटौती की कार्रवाई शुरू की, और अब पानी सिर से ऊपर जाने पर सीधे सस्पेंशन (निलंबन) का आदेश जारी कर दिया गया है शिक्षक संगठनों का विरोध जारी
1 जुलाई से अनिवार्य की गई थी व्यवस्था आपको बता दें कि प्रदेश में उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक स्तर पर करीब 4.25 लाख शिक्षक पदस्थ हैं। विभाग ने 1 जुलाई से सभी शिक्षकों और शैक्षणिक अमले के लिए ई-अटेंडेंस को पूरी तरह अनिवार्य किया था
दूसरी तरफ, सरकार के इस फैसले से शिक्षक अमले में भारी आक्रोश है प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठन लगातार इस ई-अटेंडेंस व्यवस्था और इसके तहत की जा रही सख्त कार्रवाइयों का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। लेकिन विभाग ने रिपोर्ट मांगकर यह साफ कर दिया है कि नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
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