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मध्य प्रदेश: भिंड के गौरमी थाने में बवाल लाठीचार्ज से भड़का जनाक्रोश, चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

- Photo by : social media

मध्य प्रदेश  Published by: Fulchand Malviya , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 25/04/2026 05:04:44 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: भिंड जिले के थाना गौरमी में प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ उठा जन आक्रोश अब मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के विरोध में तब्दील हो गया है पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और वर्दी की आड़ में छिपे

विस्तार

मध्य प्रदेश: भिंड जिले के थाना गौरमी में प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ उठा जन आक्रोश अब मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के विरोध में तब्दील हो गया है पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और वर्दी की आड़ में छिपे अपराधियों के खिलाफ बहुजन समाज के हजारों साथियों ने एकजुट होकर सड़क पर उतरते हुए चक्का जाम कर दिया, जिससे पूरे प्रशासन और सरकार में हड़कंप मच गया है इस दौरान किए गए बल प्रयोग में भीम आर्मी जय भीम की प्रदेश उपाध्यक्ष को गंभीर चोटें आई हैं और प्रशासन ने प्रदर्शन में शामिल एक युवक को जबरन उठाकर अज्ञात स्थान पर गायब कर दिया है, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है गौरमी थाने में प्रशासन की बर्बरता: महिला पदाधिकारी से मारपीट और युवक का अपहरण, मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ जनाक्रोश, सीसीटीवी फुटेज की जांच पर अड़ा समाज। 

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड जिले अंतर्गत आने वाले थाना गौरमी में न्याय की मांग को लेकर चल रहा धरना प्रदर्शन अब मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के खिलाफ एक बड़े विद्रोह का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज में भीम आर्मी जय भीम की प्रदेश उपाध्यक्ष को गंभीर चोटें आई हैं, वहीं प्रशासन द्वारा एक युवक को अवैध रूप से हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर गायब करने की घटना से तनाव चरम पर पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार के संरक्षण में प्रशासन दलितों और पिछड़ों का दमन कर रहा है। इस घटना से आक्रोशित होकर बहुजन समाज के हजारों लोगों ने चक्का जाम कर दिया और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
आंदोलनकारियों ने प्रशासन और सरकार के समक्ष दो टूक शब्दों में अपनी मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि जब तक थाना प्रभारी आशुतोष शर्मा सहित इस पूरे कांड में शामिल सभी दोषी अधिकारियों और अपराधियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा सबसे प्रमुख मांग यह है। 


 कि गजेंद्र जाटव मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए थाने के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से निष्पक्ष जांच की जाए और उसे सार्वजनिक किया जाए ताकि शासन-प्रशासन की मिलीभगत उजागर हो सके समाज ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो और उसे जनता के सामने लाया जाए ताकि प्रशासन की बर्बरता का प्रमाण मिल सके। साथ ही, महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले और प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ मारपीट करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए और गायब किए गए युवक को तत्काल सकुशल वापस लाया जाए इस ऐतिहासिक संघर्ष में पोरसा से संघर्षशील साथी मायाराम सखवार और उनकी टीम लगातार मोर्चे पर डटी रही। साथ ही भीम आर्मी से मनजीत सिंह नौटियाल, धर्मेंद्र गौतम, अरविंद गर्ग, देवदत्त सैनी, रिंकू सिलावट और अन्य वरिष्ठ साथियों ने अपनी उपस्थिति से आंदोलन को और मजबूती प्रदान की वक्ताओं ने सरकार को ललकारते हुए कहा कि वर्दी की आड़ में गुंडागर्दी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और यह लड़ाई अब भोपाल तक लड़ी जाएगी चक्का जाम की खबर मिलते ही भारी बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन समाज के लोग सभी दोषी अधिकारियों के निलंबन, सीसीटीवी फुटेज की अनिवार्य जांच और गायब युवक की बरामदगी की मांग पर अड़े रहे। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन की गूँज पूरे मध्य प्रदेश में सुनाई देगी और इसकी सीधी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की है।