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वेस्ट बंगाल: कोचबिहार के चिलाखाना बाजार में भीषण आग, तीन दुकानें जलकर राख, लाखों का नुकसान
- Photo by : social media
संक्षेप
वेस्ट बंगाल: कोचबिहार जिले के चिलाखाना बाजार में शुक्रवार शाम एक भीषण आग लगने की घटना से कुछ ही पलों में तीन दुकानें जलकर राख हो गईं।
विस्तार
वेस्ट बंगाल: कोचबिहार जिले के चिलाखाना बाजार में शुक्रवार शाम एक भीषण आग लगने की घटना से कुछ ही पलों में तीन दुकानें जलकर राख हो गईं। शाम करीब 6 बजे हुई इस घटना से पूरे बाजार इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर धुएं का गुबार तथा आग की तेज लपटें दिखाई देने लगीं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग सबसे पहले एक दुकान से शुरू हुई। प्रारंभिक अनुमान है कि शॉर्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच शुरू कर दी गई है। देखते ही देखते आग पास की दुकानों में फैल गई और स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को अंदर रखा सामान बाहर निकालने का भी मौका नहीं मिला। आग की ऊंची लपटों को देखकर आसपास के लोग घबरा गए। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय व्यवसायी और आम लोग आग बुझाने के लिए आगे आए और बाल्टियों से पानी लाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। गौरतलब है कि चुनाव के मद्देनजर इलाके में तैनात पंजाब पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में सक्रिय रूप से सहयोग किया। उनकी तत्परता से कुछ हद तक स्थिति संभली, लेकिन आग की तीव्रता लगातार बढ़ती रही।
स्थिति बिगड़ने पर तुरंत नजदीकी फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से बड़े नुकसान को टालने में मदद मिली। लेकिन तब तक एक सोने की दुकान, एक फल की दुकान और एक पान की दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। दुकानों में रखा कीमती सामान, नकदी और अन्य वस्तुएं पूरी तरह नष्ट हो गईं। प्रभावित व्यापारियों के अनुसार, इस घटना में 5 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। कई लोगों के लिए ये दुकानें ही आजीविका का एकमात्र साधन थीं, जिससे वे अब गंभीर आर्थिक संकट में पड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही तुफानगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है। इस घटना के बाद चिलाखाना बाजार के व्यापारियों में भारी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है। उनका आरोप है कि इलाके में फायर स्टेशन न होने के कारण आग पर काबू पाने में देरी हुई, जिससे नुकसान बढ़ गया। इसलिए उन्होंने चिलाखाना क्षेत्र के पास जल्द से जल्द एक फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग उठाई है।
स्थानीय निवासियों का भी यही कहना है कि बाजार क्षेत्र में रोजाना भारी भीड़ रहती है और अधिकांश दुकानों में बिजली कनेक्शन होने के कारण आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नजदीक में फायर स्टेशन होना बेहद जरूरी है। यह भीषण आगजनी न केवल दुकानों को नुकसान पहुंचाकर गई है, बल्कि कई परिवारों की आजीविका पर भी गहरा असर डाला है। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं—कब मिलेगा मुआवजा और कब पूरी होगी फायर स्टेशन की मांग।
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