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राजस्थान: सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवड़ यात्राओं से गूंजा क्षेत्र'

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राजस्थान   Published by: Pappu Lal Sharma , राजस्थान   Edited By: Kunal Tewatia, Date: 10/08/2026 01:58:17 pm Share:
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संक्षेप

राजस्थान: सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा क्षेत्र पुष्कर से कावड़ लेकर धनोप पहुंचे श्रद्धालु, धनेश्वर धाम से संगरिया और धनोप से त्रिदेव महादेव तक निकली कावड़ व डाक यात्रा

विस्तार

राजस्थान: सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा क्षेत्र पुष्कर से कावड़ लेकर धनोप पहुंचे श्रद्धालु, धनेश्वर धाम से संगरिया और धनोप से त्रिदेव महादेव तक निकली कावड़ व डाक यात्रा
धनोप। सावन मास के दूसरे सोमवार को क्षेत्र सहित जिलेभर के शिवालयों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। महिला, पुरुषों और बच्चों ने बड़ी संख्या में शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया तथा सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सावन सोमवार के चलते विभिन्न शिवालयों में विशेष सजावट और धार्मिक आयोजन भी हुए। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु भक्ति गीतों के साथ कावड़ यात्राओं में शामिल हुए।

1. पुष्कर से माताजी का खेड़ा पहुंची कावड़ यात्रा सावन सोमवार के अवसर पर पुष्कर से माताजी का खेड़ा, धनोप के लिए कावड़ यात्रा निकाली गई। करीब 30 श्रद्धालुओं का दल चार दिन तक पैदल यात्रा कर पुष्कर से पवित्र जल लेकर धनोप पहुंचा।
यह दल पिछले करीब चार वर्षों से लगातार कावड़ यात्रा की परंपरा निभा रहा है। श्रद्धालुओं ने पुष्कर से कावड़ में पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा की और रास्ते में विभिन्न स्थानों पर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह कावड़ यात्रियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। ग्रामीणों की ओर से यात्रियों के लिए चाय, नाश्ता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं।


2. पुष्कर से माली खेड़ा के लिए सात श्रद्धालुओं का दल पुष्कर से माली खेड़ा के लिए भी कावड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में सात श्रद्धालुओं का दल शामिल रहा। श्रद्धालु पुष्कर से पवित्र जल लेकर पैदल माली खेड़ा पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। 3. धनेश्वर धाम से संगरिया के लिए कावड़ यात्रा धनेश्वर धाम से संगरिया के लिए भी कावड़ यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने धनेश्वर धाम से पवित्र जल लेकर कावड़ यात्रा प्रारंभ की और संगरिया पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए भक्ति में लीन नजर आए। जगह-जगह ग्रामीणों ने कावड़ यात्रियों का स्वागत किया। 4. धनोप से त्रिदेव महादेव के लिए डाक यात्रा सावन सोमवार के अवसर पर धनोप से त्रिदेव महादेव के लिए डाक यात्रा भी निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पवित्र जल लेकर त्रिदेव महादेव के लिए प्रस्थान किया और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।


डाक यात्रा में शामिल श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति के साथ आगे बढ़े। मार्ग में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। 5. धनोप माता मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने की रवानगी पुष्कर से आने वाले कावड़ यात्रियों सहित विभिन्न स्थानों से निकली कावड़ और डाक यात्राओं में शामिल श्रद्धालुओं ने धनोप माता मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन किए। इसके बाद सभी श्रद्धालु अपनी-अपनी यात्रा के लिए रवाना हुए। 6. माताजी का खेड़ा पहुंचने पर कावड़ यात्रियों का जोरदार स्वागत धनोप के माताजी का खेड़ा गांव में कावड़ यात्रियों के पहुंचने पर ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया। गांव पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया। ग्रामीणों ने कावड़ यात्रियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनका स्वागत किया।

7. महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा सावन के दूसरे सोमवार को क्षेत्र के शिवालयों में महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। महिलाओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प, दूध और जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। बच्चों में भी सावन सोमवार को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। 8. शिवालयों में दिनभर गूंजते रहे जयकारे सावन सोमवार के चलते धनोप, माताजी का खेड़ा, माली खेड़ा, संगरिया और त्रिदेव महादेव सहित क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और धार्मिक आयोजन हुए। चारों ओर हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आया।