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राजस्थान: तत्त्वार्थ सूत्र की कक्षा में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब, समय की पाबंदी और अनुशासन बनी मिसाल

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राजस्थान  Published by: Jinesh Kumar Jain , राजस्थान  Edited By: Shikha Pandey, Date: 12/08/2026 10:24:32 am Share:
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  • Edited By.: Shikha Pandey,
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  • 12/08/2026 10:24:32 am
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संक्षेप

राजस्थान: जयपुर श्री दिगंबर जैन मंदिर, वरुण पथ, मानसरोवर में पूज्य गणिनी आर्यिका 105 श्री विभाश्री माताजी के पावन सान्निध्य में चल रही तत्त्वार्थ सूत्र की कक्षा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

विस्तार

राजस्थान: जयपुर श्री दिगंबर जैन मंदिर, वरुण पथ, मानसरोवर में पूज्य गणिनी आर्यिका 105 श्री विभाश्री माताजी के पावन सान्निध्य में चल रही तत्त्वार्थ सूत्र की कक्षा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु सुबह 8 बजे समय पर पहुंचकर नियमित रूप से कक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रचार संयोजक जिनेश कुमार जैन ने बताया कि कक्षा के दौरान श्रद्धालुओं में ज्ञानार्जन को लेकर विशेष उत्साह और अनुशासन देखने को मिल रहा है। गुरु के प्रति श्रद्धा और प्रेरणा के चलते समाज के लोग समय की पाबंदी के साथ तत्त्वार्थ सूत्र का अध्ययन कर रहे हैं। समय पर श्रद्धालुओं का पहुंचना, निर्धारित समय पर कक्षा का प्रारंभ होना और पूरी एकाग्रता के साथ अध्ययन करना धार्मिक आयोजनों में अनुशासन की प्रेरणादायी मिसाल बन रहा है।

इसी क्रम में थड़ी मार्केट पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति के अध्यक्ष सुमत प्रकाश जी एवं मंत्री अशोक जी जैन ने भी पूज्य विभाश्री माताजी के दर्शन किए और तत्त्वार्थ सूत्र की कक्षा में शामिल होकर धर्मलाभ लिया। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन मंदिर, वरुण पथ, मानसरोवर के अध्यक्ष जे.के. जैन एवं मंत्री ज्ञान बिलाला ने जयपुर जैन समाज के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कक्षा में पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तत्त्वार्थ सूत्र जैसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक ग्रंथ का अध्ययन पूज्य माताजी के सान्निध्य में करने का अवसर समाज के लिए विशेष सौभाग्य है। सभी श्रद्धालुओं को इस ज्ञान-साधना से जुड़कर धर्मलाभ लेना चाहिए। आयोजकों ने जयपुर जैन समाज से अपील की कि वे नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित होकर तत्त्वार्थ सूत्र का अध्ययन करें और पूज्य विभाश्री माताजी के पावन सान्निध्य का लाभ उठाएं।