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उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय लोक अदालत में 65,724 वाद निस्तारित, 14 दंपती फिर हुए एक

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 15/09/2026 02:50:41 pm Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 15/09/2026 02:50:41 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्ती की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अ

विस्तार

उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्ती की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायालय परिसर के साथ ग्राम न्यायालयों, तहसीलों, राजस्व न्यायालयों और कलेक्ट्रेट में आयोजित लोक अदालत में कुल 65,724 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। इस दौरान कुल 5,92,39,413 रुपये की धनराशि वसूल की गई।राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति, बस्ती मंडल न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। एक दिवसीय दौरे पर जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचे प्रशासनिक न्यायमूर्ति का जनपद न्यायाधीश शमसुल हक ने पौधा भेंट कर तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेंद्र कुमार-प्रथम ने बुके देकर स्वागत किया।

प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने जिला कारागार बस्ती की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों के साथ पौधरोपण किया और बैंकों के स्टॉल का निरीक्षण किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ईसी एक्ट) के निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक अदालत में नियत मामलों की जानकारी भी ली। 14 दंपती फिर साथ रहने को हुए तैयार परिवार न्यायालय में सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया गया। इस दौरान सहमत दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाई। परिवार न्यायालय में कुल 51 वाद निस्तारित हुए, जिनमें 14 दंपती आपसी सुलह-समझौते के बाद फिर साथ रहने को तैयार हुए। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने दंपतियों को बधाई देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की।

इसके बाद प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने बार के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक में न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता, समय से न्यायालय आने, सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुरूप निर्णय पारित करने तथा साक्ष्यों के मूल्यांकन पर विशेष ध्यान देते हुए निर्णय लेखन करने के निर्देश दिए। जनपद न्यायालय की इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के साथ भी बैठक की गई। मोटर दुर्घटना के 111 मामलों में 41.11 करोड़ की क्षतिपूर्ति सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेंद्र कुमार-प्रथम के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 111 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें पीड़ितों को कुल 41,11,70,000 रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई। भूमि अर्जन प्राधिकरण का एक मामला और उपभोक्ता फोरम के 67 मामलों का भी निस्तारण हुआ।

विभिन्न न्यायालयों से कुल 3,186 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि प्री-लिटिगेशन स्तर पर 62,538 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ। इस प्रकार कुल 65,724 वाद निस्तारित किए गए। लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, भूमि अर्जन प्राधिकरण, परिवार न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, स्थायी लोक अदालत और विभिन्न न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों एवं न्यायिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। प्रदर्शनी में लोगों ने खरीदे उत्पाद जिला कारागार बस्ती में निरुद्ध बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प कला की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से एक जिला एक उत्पाद के तहत तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उत्पादों की खरीदारी भी की।

लोक अदालत के सफल आयोजन में नोडल अधिकारी/अपर जिला जज प्रमोद कुमार गिरि, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेंद्र कुमार-प्रथम, जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह और अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का योगदान रहा।