Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: 9400 व्हाट्सएप अकाउंट बैन, संदिग्ध सिम जल्द ब्लॉक करने की तैयारी

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 28/04/2026 04:27:52 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Anand Kumar ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 28/04/2026 04:27:52 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: भारत में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार में सुप्रीम कोर्ट में बड़ा एक्शन प्लान पेश किया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: भारत में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार में सुप्रीम कोर्ट में बड़ा एक्शन प्लान पेश किया है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र(I4C) ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में बताया कि इस साइबर अपराध से निपटने के लिए टेलिकॉम विभाग,आरबीआई, टेक कंपनियों और जांच एजेंसियों के साथ मिलकर बहु- स्तरीय कार्रवाई की जा रही है।  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दायर इस रिपोर्ट में बताया गया कि व्हाट्सएप में पिछले 12 हफ्तों में डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े 9400 अकाउंट बैन किए हैं। इसके अलावा प्लेटफार्म अब ऐसे अकाउंट की पहचान कर रहा है जो पुलिस या सरकारी लोगों का दुरुपयोग करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप जल्द ही ऐसे फीचर्स लाने जा रहा है जिससे यूजर्स को चेतावनी मिलेगी अगर कॉल किसी नए या संदिग्ध अकाउंट से आ रही हो। साथ ही,संदिग्ध कॉलर्स की प्रोफाइल फोटो को ऑटोमेटिक छि पाने की योजना भी है ताकि ठग अधिकार का झूठा प्रभाव न बन सकें।

 

दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों ने मिलकर फर्जी सिम कार्ड पर तेजी से कार्रवाई करने का प्लान तैयार किया है। अब लक्ष्य है कि किसी भी संदिग्ध सिम को पहचान के 2 से 3 घंटे के भीतर ब्लॉक किया जाए। सीबीआई ने तय किया है कि 10 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी वाले मामलों की जांच वह अपने हाथ में लेगी। सरकार एक नया बायोमेट्रिक पहचान सत्यापन प्रणाली (बीआईवीएस) लागू करने की योजना बना रही है, जिससे देश भर में सिम जारी होने की रियल- टाइम निगरानी हो सके। इसे दिसंबर 2026 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए नया एसओपी जारी किया है, जिसको तहत संदिग्ध लेन-देन को तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मनी म्यूल नेटवर्क पर लगाम लगाई जा सके। केंद्र में अदालत से अनुरोध किया है कि टेलीकॉम कंपनियों को सख्ती से नियम लागू करने और नए सिस्टम को जल्द लागू करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।