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उत्तर प्रदेश: धान खरीद में किसानों को परेशानी हुई तो होगी कार्रवाई, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 05/11/2026 02:38:08 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 05/11/2026 02:38:08 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान खरीद को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए जिलाधिकारी अनुज मलिक ने बुधवार को मंडी परिसर में संचालित छह क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र प्रभारियों को किसानों

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उत्तर प्रदेश: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान खरीद को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए जिलाधिकारी अनुज मलिक ने बुधवार को मंडी परिसर में संचालित छह क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र प्रभारियों को किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने और खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग के मंडी यार्ड प्रथम क्रय केंद्र पर किसान का माल्यार्पण कर डीएम ने धान खरीद का शुभारंभ भी कराया। 65 कुंतल धान लेकर पहुंचे किसान का किया स्वागत 
खाद्य विभाग के मंडी यार्ड प्रथम केंद्र पर ग्राम कटबन्ध, नेहिया खुर्द बुजुर्ग निवासी किसान नर्वदेश्वर सिंह करीब 65 कुंतल धान लेकर पहुंचे थे। जिलाधिकारी ने उनका माल्यार्पण कर खरीद प्रक्रिया की शुरुआत कराई। इसके बाद उन्होंने मंडी परिसर में संचालित सभी छह क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और केंद्र प्रभारियों से खरीद की तैयारियों की जानकारी ली।

 सामान्य धान 2441 और ग्रेड-ए का 2461 रुपये एमएसपी जिले में धान खरीद एक नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक की जाएगी। शासन की ओर से सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2461 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। जिले को इस विपणन वर्ष में कुल 60 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है। इसके लिए 64 क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। बैठने और पेयजल की व्यवस्था रखने के निर्देश  निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। अधिक भीड़ होने पर टोकन रजिस्टर बनाया जाए और किसानों को क्रमवार नंबर दिया जाए। नंबर आने पर निर्धारित मानकों के अनुसार धान की तौल कराई जाए। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को किसानों के साथ शालीन व्यवहार करने और सभी केंद्रों पर खरीद सुचारु रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए।

 806 किसानों ने कराया पंजीकरण, 369 का सत्यापन धान बिक्री के लिए जिले में अब तक 806 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जबकि इनमें से 369 किसानों का ही सत्यापन हो सका है। पंजीकरण की तुलना में सत्यापन की धीमी रफ्तार को देखते हुए किसानों की प्रक्रिया समय से पूरी होना जरूरी है, ताकि उन्हें धान बेचने में अनावश्यक परेशानी न हो।

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