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उत्तर प्रदेश: बरेली की कामधेनु गौशाला पर फिर चला BDA का बुलडोजर, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण शुरू
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली के मौलानगर स्थित कामधेनु गौशाला पर गुरुवार सुबह एक बार फिर बुलडोजर चल गया। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की टीम ने पहले रोकी गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू कर दी। गौशाला को ले
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली के मौलानगर स्थित कामधेनु गौशाला पर गुरुवार सुबह एक बार फिर बुलडोजर चल गया। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की टीम ने पहले रोकी गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू कर दी। गौशाला को लेकर पहले भी प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई की गई थी, लेकिन बीच में अभियान रोकना पड़ा था। अब गुरुवार सुबह टीम बुलडोजर लेकर दोबारा मौके पर पहुंची और निर्माण को ढहाने का काम शुरू कर दिया महामंडलेश्वर संजीव गौड़ से जुड़ी है गौशाला प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मौलानगर में स्थित कामधेनु गौशाला महामंडलेश्वर संजीव गौड़ के संरक्षण में संचालित बताई जाती है। इस गौशाला को लेकर स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि पार्क के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर कब्जा करके निर्माण कराया गया है। शिकायत के बाद बरेली विकास प्राधिकरण ने मामले की जांच कराई थी। प्राधिकरण का कहना था कि करीब 500 वर्गगज जमीन पर हुए निर्माण के खिलाफ न्यायालय और प्राधिकरण के आदेशों के तहत कार्रवाई की जा रही है पहले भी पहुंची थी टीम, फिर रुक गया था बुलडोजर इस गौशाला पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई पहले भी प्रस्तावित हुई थी। 24 जुलाई को पुलिस और पीएसी की तैनाती के बावजूद बीडीए की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। इसके बाद 28 जुलाई को प्राधिकरण ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण कराया था। उस समय भी कार्रवाई के दौरान विरोध और अधिकारियों से नोकझोंक हुई थी। अब गुरुवार को एक बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने से इलाके में हलचल मच गई है भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बीडीए ने फिर शुरू की कार्रवाई बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित मौलानगर की कामधेनु गौशाला पर गुरुवार सुबह बीडीए ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया। महामंडलेश्वर संजीव गौड़ के संरक्षण में संचालित बताई जाने वाली इस गौशाला पर पार्क के लिए आरक्षित करीब 500 वर्गगज सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद प्राधिकरण ने जांच कर कार्रवाई शुरू की थी। इससे पहले 28 जुलाई को भी बुलडोजर चलाया गया था। लेकिन विरोध के बीच कार्रवाई रुक गई थी। अब दोबारा ध्वस्तीकरण शुरू होने से इलाके में हलचल तेज हो गई है पार्क की जमीन को लेकर शुरू हुआ था विवाद स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि जिस जमीन पर सार्वजनिक पार्क होना चाहिए था, वहां गौशाला का निर्माण कर दिया गया। इससे कॉलोनी के बच्चों के खेलने और लोगों के टहलने की जगह प्रभावित हो रही थी। इसी शिकायत के बाद मामला बीडीए तक पहुंचा और जांच के बाद निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। गुरुवार सुबह दोबारा चले बुलडोजर के बाद अब इस कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।
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