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उत्तर प्रदेश: डीआईजी अजय कुमार साहनी ने चार जिलों की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर चारों जिलों के कप्तानों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा, गैंगस्टरों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर चारों जिलों के कप्तानों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा, गैंगस्टरों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर डीआईजी ने पुलिस-मीडिया समन्वय को मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा विवेचनाओं को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए ई-साक्ष्य ऐप के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को समय पर अपलोड किया जाए। साथ ही न्यायालयों के साथ समन्वय स्थापित कर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ई-समन जारी कराने और उनकी समय से तामील करने के निर्देश दिए। भर्ती परीक्षा और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती-2025 की प्रस्तावित लिखित परीक्षा को लेकर डीआईजी ने सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील केंद्रों और पारदर्शिता की समीक्षा की। वहीं मिशन शक्ति अभियान, महिला बीट प्रणाली और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा कर महिला उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्तीकरण, गुंडा एक्ट, गौवध निवारण अधिनियम और एनएसए की कार्रवाई की समीक्षा की। डीआईजी ने कहा कि वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान चलाकर की जाए तथा माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई तेज की जाए। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सभी जिलों में निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने सीसीटीएनएस पर 60 और 90 दिनों से लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, पॉक्सो, दहेज हत्या और साम्प्रदायिक मामलों की विवेचनाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से तय समय में पूरी की जाएं। आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया। वहीं साइबर हेल्प डेस्क, साइबर थानों और ऑनलाइन ठगी के मामलों की समीक्षा की गई और साइबर अपराधों के त्वरित निस्तारण और पीड़ितों की धनराशि सुरक्षित कराने के निर्देश दिए। वहीं एनडीपीएस एक्ट, पीआईटी एनडीपीएस और ऑपरेशन दहन के तहत चल रही कार्रवाई का समीक्षा करते हुए नशा तस्करों के खिलाफ और प्रभावी अभियान चलाने को कहा।
