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उत्तर प्रदेश: टीजीटी परीक्षा में सॉल्वर गैंग की सेंध नाकाम, दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा युवक गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 03/06/2026 03:55:38 pm Share:
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  • 03/06/2026 03:55:38 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) परीक्षा के पहले ही दिन बरेली में नकल माफिया ने सेंध लगाने की कोशिश कर दी। कड़ी सुरक्षा और बायोमेट्रिक सत्यापन के बीच इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की ज

विस्तार

उत्तर प्रदेश: ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) परीक्षा के पहले ही दिन बरेली में नकल माफिया ने सेंध लगाने की कोशिश कर दी। कड़ी सुरक्षा और बायोमेट्रिक सत्यापन के बीच इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा एक सॉल्वर पकड़ा गया। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि परीक्षा देने का सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ था। बुधवार को पहली पाली के दौरान सुरक्षा एजेंसी की बायोमेट्रिक जांच में युवक की पहचान संदिग्ध पाई गई। जांच में पता चला कि पकड़ा गया युवक आजमगढ़ निवासी प्रमोद है, जो विमल सिंह नामक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। आरोपी ने दूसरे के आधार कार्ड पर अपना फोटो लगाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास किया था, लेकिन बायोमेट्रिक मिलान में उसकी पोल खुल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई। पूछताछ में प्रमोद ने स्वीकार किया कि परीक्षा देने के बदले उसे डेढ़ लाख रुपये मिलने थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस सौदे के पीछे कौन लोग शामिल हैं और कहीं कोई बड़ा सॉल्वर गिरोह तो सक्रिय नहीं है। जांच पूरी होने तक आरोपी को मीडिया से दूर रखा गया है।

20 केंद्रों पर हो रही है परीक्षा जिले में टीजीटी परीक्षा के लिए 20 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो दिनों में चार पालियों में आयोजित की जा रही है। कुल 32,365 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने के लिए पंजीकृत हैं। प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। इसके बावजूद पहले ही दिन सॉल्वर के पकड़े जाने से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। चार जोन में बांटी गई थी निगरानी
परीक्षा की निगरानी के लिए प्रशासन ने पूरे जिले को चार जोन में विभाजित किया था। बरेली कॉलेज केंद्र पर अपर जिलाधिकारी (शहर) अविनाश त्रिपाठी को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इसके अलावा अपर जिलाधिकारी (वित्त), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), नगर मजिस्ट्रेट और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त को विभिन्न जोनों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। परीक्षा खत्म होते ही सड़कों पर लगा जाम पाली सुबह नौ बजे शुरू होकर 11:30 बजे समाप्त हुई। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य बताया। वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद बरेली कॉलेज समेत कई केंद्रों के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर भी अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। पुलिस और प्रशासन को यातायात व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।