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उत्तर प्रदेश: विकास कार्यों और सड़क सुरक्षा की डीएम ने की समीक्षा, पंचायत भवनों को नवंबर तक पूरा करने और यातायात नियमों के पालन के दिए निर्देश
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। पहली बैठक पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग की रही, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता मौजूद रहे,
विस्तार
उत्तर प्रदेश: कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। पहली बैठक पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग की रही, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता मौजूद रहे, वहीं दूसरी बैठक जिला सड़क सुरक्षा समिति की रही। पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास की बैठक जिलाधिकारी ने ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने, निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने एवं प्रत्येक पात्र लाभार्थी को योजनाओं से संतृप्त करने के निर्देश दिए।बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, पंचायत भवन, डिजिटल पुस्तकालय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम के प्रमुख निर्देश अवशेष पंचायत भवनों को नवंबर माह तक एवं 11 अन्त्येष्टि स्थलों को दिसंबर माह तक पूर्ण किया जाए। पंचायत सहायकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो और ग्रामीणों को बेहतर जनसेवाएं मिलें। स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने एवं ग्रामीण रोजगार सृजन में तेजी लाई जाए। 2,919 पात्र निराश्रित महिलाओं एवं 1,163 दिव्यांगजनों सहित कुल 4,082 नए लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई तेज की जाए। सभी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित हो। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। जनपद की तीनों तहसीलों सदर बलरामपुर, उतरौला एवं तुलसीपुर में होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, ताकि भारी वाहनों का व्यवस्थित ठहराव हो और यातायात सुगम रहे। माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं का ऑडिट कर कारणों एवं सुधारात्मक कार्यवाहियों की समीक्षा की गई। एआरटीओ ने बताया कि सभी दुर्घटनाओं की स्थलीय जांच कर आवश्यक सुधार किए गए हैं। दुर्घटना संभावित स्थलों (Black Spots) पर संकेतक, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग सहित सभी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश। पीएम राहत कोष के तहत दुर्घटना में घायलों को तत्काल चिकित्सीय सुविधा हेतु अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, राहवीर योजना के अंतर्गत घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार व्यक्तियों को चिन्हित कर पुरस्कृत किया जाए और योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार हो। ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट व बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश।
