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उत्तर प्रदेश: पासपोर्ट अब हर भारतीय का अधिकार, 2025-26 में जारी हुए 138 लाख पासपोर्ट: जयशंकर

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 20/06/2026 10:20:44 am Share:
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  • Published by.: Anand Kumar(UP) ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 20/06/2026 10:20:44 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: भारत देश में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, तेज और सुलभ हो गई है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वार्षिक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सम्मेलन में कहा कि आज पासपोर्ट सेवा पूरी तरह लोकतांत्रिक हो चुकी है और यह विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण इंजन का काम कर रही है.b

विस्तार

उत्तर प्रदेश: भारत देश में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, तेज और सुलभ हो गई है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वार्षिक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सम्मेलन में कहा कि आज पासपोर्ट सेवा पूरी तरह लोकतांत्रिक हो चुकी है और यह विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण इंजन का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि पहले पासपोर्ट बनवाना एक विशेष सुविधा माना जाता था, लेकिन अब यह आम नागरिकों तक आसानी से पहुंच चुका है. विदेश मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025- 26 में भारत में 138 लाख से अधिक पासपोर्ट जारी किए गए हैं. यह आंकड़ा भारतीयों की बढ़ती आकांक्षाओं और वैश्विक स्तर पर अवसरों की तलाश को दर्शाता है. उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यूरोप दौरे का जिक्र करते हुए कहां की दुनिया भर में भारतीय प्रतिभा की मांग तेजी से बढ़ रही है. जी 7 देशों फ्रांस और स्लोवाकिया जैसे देशों में भारतीय युवाओं और पेशेवरों की क्षमता को काफी सम्मान मिल रहा है. ऐसे में पासपोर्ट भारतीयों के लिए वैश्विक स्तरों का द्वारा बनता जा रहा है। 

 विदेश मंत्री ने कहा कि पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम संस्करण 2.0 ने वैश्विक गतिशीलता को नई पहचान दी है. उनके अनुसार पासपोर्ट केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह आर्थिक प्रगति अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और राष्ट्रीय पहचान का एक महत्वपूर्ण साधन है. उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि पासपोर्ट प्राप्त करना नागरिकों के लिए संघर्ष नहीं बल्कि उनका अधिकार बने. इसी सोच के तहत सेवाओं को और अधिक पारदर्शी तथा डिजिटल बनाया गया है. सम्मेलन में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में देश में केवल 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे. अब इनकी संख्या बढ़कर 545 से अधिक हो गई है. इसके अलावा 454 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र भी काम कर रहे हैं. इससे छोटे शहरों और दूर दराज के इलाकों के लोगों को भी पासपोर्ट सेवाओं का लाभ मिल रहा है. सरकार का दावा है कि इससे आवेदन प्रक्रिया तेज हुई है और नागरिकों को कम समय में पासपोर्ट उपलब्ध हो रहा है। 


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