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उत्तर प्रदेश: बरेली में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच गोदामों पर हुई छापेमारी, 4 हजार क्विंटल से अधिक स्टॉक पर लगी रोक

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 22/08/2026 11:15:58 am Share:
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  • Edited By.: Shikha Pandey,
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  • 22/08/2026 11:15:58 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली चीनी के बढ़ते दामों और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए पूर्ति विभाग ने शुक्रवार को शहर के थोक और फुटकर कारोबारियों के गोदामों की औचक जांच की।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली चीनी के बढ़ते दामों और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए पूर्ति विभाग ने शुक्रवार को शहर के थोक और फुटकर कारोबारियों के गोदामों की औचक जांच की। टीम ने गोदामों में मौजूद चीनी के स्टॉक की जांच कर स्टॉक रजिस्टर से उसका मिलान किया। अधिकारियों ने कारोबारियों को तय सीमा से अधिक चीनी का भंडारण मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि 20 अगस्त को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में चीनी कारोबारियों के स्टॉक की सीमा निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई थी। निर्देशों के अनुसार कोई भी चीनी व्यापारी 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकता। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

निर्देशों के बाद पूर्ति निरीक्षकों की टीम ने कई कारोबारियों के गोदामों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर की जांच के साथ मौके पर मौजूद चीनी की मात्रा का भी मिलान किया। जांच के दौरान किसी भी गोदाम में निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक नहीं मिला। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि जिले में चीनी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और जरूरत से अधिक खरीदारी कर अनावश्यक भंडारण से बचें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस बीच अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में भी तेजी दर्ज की गई है। पिछले एक महीने में धनिया 90 से बढ़कर 180 रुपये किलो, गुड़ और बूरा करीब 70 रुपये किलो, खील 90-95 रुपये किलो और बादाम करीब 1120 रुपये किलो तक पहुंच गया है। कारोबारियों के अनुसार चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे उत्पादन में कमी को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि बाजार में स्टॉक और कीमतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जमाखोरी या निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 


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