-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में न्यायालय की पैरवी में लापरवाही पर एसपी सख्त, उपनिरीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी और न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को लेकर पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने एसपीओ तथा जनपद के सभी
विस्तार
उत्तर प्रदेश: न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी और न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को लेकर पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने एसपीओ तथा जनपद के सभी थानों पर नियुक्त पैरवी अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयों से संबंधित कार्यों में गंभीरता बरतने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर जिम्मेदारियों का निर्वहन करने पर जोर दिया। गोष्ठी के दौरान न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की पैरवी और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय में प्रभावी पैरवी के लिए आवश्यक अभिलेखों और साक्ष्यों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही न्यायालय की ओर से जारी आदेशों का समय से अनुपालन कराया जाए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। एनबीडब्ल्यू तामिला में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश गोष्ठी के दौरान गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के तामिला में लापरवाही का मामला भी सामने आया। इस पर पुलिस अधीक्षक ने एक उपनिरीक्षक के विरुद्ध प्रारंभिक जांच के आदेश दिए। इस कार्रवाई को न्यायालय से संबंधित कार्यों में लापरवाही के प्रति गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने एसपीओ और थानों पर नियुक्त पैरवी अधिकारियों को न्यायालयों में चल रहे मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय से संबंधित कार्यों में समन्वय बनाए रखना और आदेशों का समयबद्ध अनुपालन करना आवश्यक है। गोष्ठी के माध्यम से पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि न्यायालयों में प्रभावी पैरवी और आदेशों के अनुपालन में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गैर-जमानती वारंट सहित न्यायालय से प्राप्त आदेशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारी के साथ करें और न्यायालय से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी रखें। पैरवी अधिकारियों को जिम्मेदारी से कार्य करने की हिदायत
