-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: यातायात माह हुआ शुरू, डीआईजी और एसपी ने जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बस्ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार, 1 नवंबर को जिले में यातायात जागरूकता माह का शुभारंभ किया गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बस्ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार, 1 नवंबर को जिले में यातायात जागरूकता माह का शुभारंभ किया गया। शास्त्री चौक (झंडा चौराहा) से पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नवंबर माह के दौरान यातायात पुलिस और थानों की पुलिस विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगी। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत, सहायक पुलिस अधीक्षक मानसी दहिया, क्षेत्राधिकारी यातायात कुलदीप सिंह यादव, सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह, सीओ कलवारी बृजेश सिंह, प्रभारी निरीक्षक यातायात कुलदीप त्रिपाठी और महिला थाना प्रभारी शालिनी सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। यातायात माह के दौरान जिले के स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक और अन्य गतिविधियों के जरिए लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। पुलिस टीमें हेलमेट, सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा और नशे में वाहन नहीं चलाने जैसे नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी। महिला थाना प्रभारी शालिनी सिंह ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कार में बैठते ही सीट बेल्ट लगानी चाहिए। नशे में वाहन चलाने से चालक के साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जिंदगी भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और ओवरस्पीड से बचने की भी अपील की। कहा कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, क्योंकि घर पर कोई न कोई अपने परिजनों का इंतजार कर रहा होता है। पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों से मानक हेलमेट पहनने और बाइक पर तीन सवारी नहीं बैठाने, जबकि कार चालकों से सीट बेल्ट लगाने की अपील की। साथ ही नशे में वाहन नहीं चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यातायात माह के दौरान जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश: बरखा रानी को फिल्म ‘बूंद-बूंद है अनमोल’ के लिए मिला बेस्ट स्क्रिप्ट राइटिंग सम्मान
उत्तर प्रदेश: ई-रिक्शा में सवारी बनकर महिलाओं के झोले काटती थीं, दो महिलाएं हुई गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश: 37 केंद्रों पर धान खरीद हुई शुरू, MSP 2441 रुपये प्रति क्विंटल है दाम
उत्तर प्रदेश: नेपाल में बेचता था चोरी की बाइकें, तीन मोटरसाइकिलों के साथ आरोपी हुआ गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश: पीईटी परीक्षा में पारदर्शिता के लिए डीएम ने किया केंद्रों का निरीक्षण
उत्तर प्रदेश: दीपावली से पहले पटाखा दुकानों की हुई जांच, लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था परखी
