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उत्तर प्रदश: सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों की भूख हड़ताल हुई खत्म, प्रशासन ने एक महीने में काम शुरू कराने का दिया लिखित आश्वासन
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदश: मीरजापुर के विकासखंड पहाड़ी की ग्राम पंचायत दांती में पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों की ओर से शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गई।
विस्तार
उत्तर प्रदश: मीरजापुर के विकासखंड पहाड़ी की ग्राम पंचायत दांती में पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों की ओर से शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। ग्रामीण लंबे समय से गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पक्की सड़क की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक गांव को शहर और मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पक्की सड़क नहीं बन सकी है। आवागमन के लिए उन्हें जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। अस्पताल जाने, रोजमर्रा का सामान खरीदने और बच्चों को कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने में लोगों को काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान जनप्रतिनिधियों की ओर से गांव में पक्की सड़क बनवाने का आश्वासन दिया गया था। करीब चार साल बीतने के बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई। इसके बाद सैकड़ों महिला-पुरुष और युवाओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। बारिश के मौसम में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है। कच्चे और ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर जलभराव और कीचड़ के कारण मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर वन विभाग की ओर से लिखित पत्र प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं कराया गया है। भूख हड़ताल के दूसरे दिन एसडीएम सदर महेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार अरविंद पांडेय और खंड विकास अधिकारी मुनिश कुमार सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से घंटों बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद एसडीएम सदर महेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने दूसरे दिन ही अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि, अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन के इस आश्वासन पर है। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर एक महीने के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा भी लगाया। इस दौरान पूर्व विधायक प्रत्याशी मझवां लल्लू शुक्ला, ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार मौर्य, सुनील टाइगर, रामधनी मौर्य, महेश सरोज, संजय पाल, अनिल पटेल, पंकज बिंद, पूर्व प्रधान राजेंद्र सरोज, डॉ. अमित पाल, विनोद पाल, ओम प्रकाश पाल, धीरज भारती, अमित मौर्य समेत सैकड़ों महिला-पुरुष और युवा मौजूद रहे।
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