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राजस्थान: 12 बोर्डों पर उतरे फीडे कोच विक्रम सिंह, बच्चों के आत्मविश्वास ने बटोरी वाहवाही
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संक्षेप
राजस्थान: जयपुर मानसरोवर स्थित जय श्री ज्वेलर्स परिसर में वाणी चेस क्लब द्वारा संचालित निःशुल्क शतरंज प्रशिक्षण शिविर में आज एक अत्यंत रोचक, प्रेरणादायक एवं यादगार दृश्य देखने को मिला।
विस्तार
राजस्थान: जयपुर मानसरोवर स्थित जय श्री ज्वेलर्स परिसर में वाणी चेस क्लब द्वारा संचालित निःशुल्क शतरंज प्रशिक्षण शिविर में आज एक अत्यंत रोचक, प्रेरणादायक एवं यादगार दृश्य देखने को मिला। क्लब की संस्थापक युवा शतरंज खिलाड़ी वाणी जैन के मार्गदर्शन में संचालित इस शिविर में बच्चों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। वाणी चेस क्लब के अध्यक्ष जिनेश कुमार जैन ने बताया कि आज शिविर में फीडे से मान्यता प्राप्त कोच विक्रम सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने एक साथ 12 बोर्डों पर बच्चों के विरुद्ध साइमल मुकाबला खेला। यद्यपि उन्होंने सभी बोर्डों पर जीत दर्ज करते हुए बच्चों को चेकमेट किया, लेकिन मुकाबले के दौरान बच्चों ने अपने उत्कृष्ट खेल, रणनीतिक सोच और आत्मविश्वास से उन्हें कई बार गंभीरता से सोचने के लिए मजबूर कर दिया। मुकाबले के दौरान कई ऐसे क्षण आए जब ऐसा प्रतीत हुआ मानो विक्रम सिंह छोटे बच्चों के साथ नहीं, बल्कि अनुभवी और प्रशिक्षित खिलाड़ियों के साथ खेल रहे हों। बच्चों की एकाग्रता, खेल की समझ और जीतने की ललक ने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया। पूरे हॉल में रोमांच, उत्साह और जिज्ञासा का अद्भुत वातावरण बना रहा। उपस्थित अभिभावकों ने भी बच्चों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त किया तथा पूरे मुकाबले का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय आर्बिटर एवं शतरंज जगत की प्रतिष्ठित हस्ती भगवती प्रसाद शर्मा भी बच्चों के बीच पहुंचे। शतरंज जगत में "भीष्म पितामह" के नाम से विख्यात भगवती प्रसाद शर्मा का बच्चों को मार्गदर्शन देना शिविर की विशेष उपलब्धि रहा। इतनी बड़ी और अनुभवी शख्सियत का बच्चों के साथ आत्मीयता से घुल-मिलकर शतरंज की बारीकियां सिखाना उनके महान व्यक्तित्व का परिचायक है। उन्होंने बच्चों को खेल की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता, सकारात्मक सोच एवं खेल भावना जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों की भी सीख दी। शिविर में एडवोकेट पियूष शर्मा भी बच्चों को शतरंज की विभिन्न महत्वपूर्ण रणनीतियों एवं एंडगेम तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे बच्चों को दो ऊंटों (Bishops) की सहायता से चेकमेट करना, एक हाथी (Rook) से चेकमेट करना, एक रानी (Queen) की मदद से चेकमेट करना तथा अन्य महत्वपूर्ण जीत की स्थितियों को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन से बच्चों की रणनीतिक सोच और खेल की समझ लगातार विकसित हो रही है। वहीं दीपक राव भी अपने शानदार खेल कौशल और अनुभव के माध्यम से बच्चों को शतरंज के विभिन्न गुर सिखा रहे हैं। वे अलग-अलग प्रकार की ओपनिंग, आक्रमण एवं बचाव की रणनीतियां, मोहरों के बेहतर उपयोग तथा खेल के दौरान सही निर्णय लेने की कला का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनकी रोचक और व्यावहारिक शिक्षण शैली बच्चों को खेल की गहराइयों को समझने में मदद कर रही है। वाणी चेस क्लब का उद्देश्य केवल शतरंज सिखाना ही नहीं, बल्कि बच्चों में तार्किक सोच, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को भी प्रोत्साहित करना है। क्लब द्वारा आयोजित यह निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर लगातार बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज का यह प्रेरणादायक और रोमांचक सत्र बच्चों, अभिभावकों एवं उपस्थित सभी शतरंज प्रेमियों के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
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