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उत्तर प्रदेश: कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्य सचिव और डीजीपी की हुई समीक्षा बैठक, जीरो इंसिडेंट-जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य पर दिया जोर

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उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 30/07/2026 04:15:36 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 30/07/2026 04:15:36 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को बरेली के सर्किट हाउस में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बरेली एवं मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, महिला सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

नौ जिलों ने प्रस्तुत की तैयारियों की रिपोर्ट

समीक्षा बैठक में बरेली और मुरादाबाद मंडल के सभी नौ जिलों के जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि सभी एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ कार्य कर रही हैं, जिससे यात्रा के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की मंशा है कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यात्रा को ‘जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य के साथ संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम किए जा रहे हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे से मिलेगा ट्रैफिक प्रबंधन में सहयोग

बैठक में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के उपलब्ध होने से यातायात व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। इसके माध्यम से भारी वाहनों और सामान्य यातायात को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे कांवड़ मार्गों पर दबाव कम होगा। मुख्य सचिव ने कांवड़ यात्रा मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देने की बात कही। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस वर्ष महिला कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से सहायता शिविर स्थापित किए जाएंगे, जहां महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

अराजक तत्वों पर रहेगी कड़ी नजर

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में कांवड़ यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं और अव्यवस्थाओं में कमी आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बल को लगातार सतर्क रहने और त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि श्रावण मास के तीसरे और चौथे सोमवार को श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, विशेष ट्रैफिक प्लान, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर अलग रणनीति तैयार की गई है।

डीजे संचालन के लिए सख्त दिशा-निर्देश

बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे संचालन को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजे की ध्वनि 75 डेसीबल से अधिक नहीं होगी। साथ ही डीजे के आकार और संचालन से संबंधित सभी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। प्रशासन ने डीजे संचालकों और दुकानदारों को पहले ही निर्धारित दिशा-निर्देशों से अवगत करा दिया है। बैठक के अंत में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और डीजीपी राजीव कृष्ण ने विश्वास जताया कि प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय तथा व्यापक तैयारियों के बल पर इस वर्ष कांवड़ यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए।