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Abhijit Deepke's Allegations: भाजपा ने अभिजीत दीपके के आरोपों को किया खारिज, कहा सबूत हैं तो सार्वजनिक करें
- Photo by : social media
संक्षेप
महाराष्ट्र: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा भाजपा में शामिल होने के लिए कथित धमकी मिलने के आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
विस्तार
महाराष्ट्र: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा भाजपा में शामिल होने के लिए कथित धमकी मिलने के आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है और अभिजीत दीपके से अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत सार्वजनिक करने की चुनौती दी है। अभिजीत दीपके का दावा छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उन्हें कई बार भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने हर बार इसे अस्वीकार कर दिया। उनका आरोप है कि प्रस्ताव ठुकराने के बाद उन्हें और उनके परिवार को कथित रूप से धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने कहा कि परिवार को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी भी दी गई। इससे पहले दीपके के माता-पिता ने भी आरोप लगाया था कि उनके बेटे को एक वीडियो के माध्यम से धमकी दी गई थी। परिवार का दावा है कि इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से उन्हें कुछ समय के लिए अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रहना पड़ा। भाजपा विधायक राम कदम का जवाब भाजपा विधायक राम कदम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि वास्तव में किसी प्रकार की धमकी दी गई है, तो उसका प्रमाण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से बात साबित नहीं होती। यदि कोई वीडियो, संदेश या अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों और जनता के सामने रखा जाना चाहिए। राम कदम ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक चर्चा में बने रहने और प्रचार पाने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। प्रदेश प्रवक्ता ने भी किया खंडन भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने भी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाली पार्टी है और किसी व्यक्ति पर पार्टी में शामिल होने के लिए दबाव या धमकी देने का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास भाजपा के किसी पदाधिकारी या कार्यकर्ता द्वारा धमकी दिए जाने का कोई प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। बिना साक्ष्य के लगाए गए आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होते हैं। अभिजीत दीपके और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। मामले में किसी जांच एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि या निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में आगे की स्थिति जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
