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उत्तर प्रदेश: गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं से धांधली का आरोप, सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायत
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले के जंगीपुर स्थित एक गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं के साथ कथित रूप से धोखाधड़ी और गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जिले के जंगीपुर स्थित एक गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं के साथ कथित रूप से धोखाधड़ी और गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी की कार्यप्रणाली के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार उपभोक्ता मोबाइल नंबर के माध्यम से गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग कराते हैं। आरोप है कि इसके बाद एजेंसी कार्यालय की ओर से उपभोक्ताओं को फोन कर पर्ची काटने के नाम पर डीएसी (DAC) नंबर की जानकारी मांगी जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि डीएसी नंबर साझा करने के बाद उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं है या डिलीवरी में समय लगेगा। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाता और बाद में संबंधित गैस सिलेंडर को कथित रूप से अधिक कीमत पर ब्लैक में बेच दिया जाता है। इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं में नाराजगी व्याप्त है और लोग एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। बताया गया है कि जब इस संबंध में एजेंसी कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो संबंधित मोबाइल नंबर बंद मिला। वहीं एजेंसी संचालक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। इससे उपभोक्ताओं की शिकायतों और आरोपों को लेकर स्थिति और अधिक गंभीर होती दिखाई दे रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रशासन द्वारा पहले ही लोगों को किसी भी व्यक्ति को डीएसी नंबर साझा नहीं करने की सलाह दी जा चुकी है, इसके बावजूद कुछ लोग इस जानकारी का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के बावजूद यदि इस प्रकार की अनियमितताएं जारी रहती हैं तो इससे सरकार की जनहितकारी योजनाओं और उपभोक्ता हितों को नुकसान पहुंच सकता है। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
