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उत्तर प्रदेश: 15-20 साल से बंद सीतापुर आई हॉस्पिटल के फिर खुलने की उम्मीद, डीएम ने किया निरीक्षण
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद जिले में करीब 15 से 20 वर्षों से निष्क्रिय पड़े सीतापुर आई हॉस्पिटल के दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद जिले में करीब 15 से 20 वर्षों से निष्क्रिय पड़े सीतापुर आई हॉस्पिटल के दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के साथ अस्पताल परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने अस्पताल के जीर्णोद्धार और पुन संचालन की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने भवन, परिसर और इससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी ली। भूमि से संबंधित अभिलेखों की जांच के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) कृष्णकांत महाजन को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भवन की तकनीकी स्थिति का आकलन करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मुरलीधर को भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। डीएम ने अस्पताल को दोबारा संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अंतरविभागीय समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। अस्पताल को 'आई रिलीफ सोसाइटी' के माध्यम से फिर से क्रियाशील करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी इस सोसाइटी की अध्यक्ष हैं, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी इसके उपाध्यक्ष हैं। बताया गया कि सीतापुर आई हॉस्पिटल से जुड़ी जमीन वर्ष 1963 में प्रशासन द्वारा अधिग्रहीत की गई थी। इसके बाद जनता के सहयोग और सरकारी अनुदान से अस्पताल का निर्माण कराया गया था। लंबे समय तक लोगों को यहां नेत्र संबंधी चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद रही, लेकिन पिछले कई वर्षों से अस्पताल निष्क्रिय पड़ा है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2022 से अस्पताल को मिलने वाला सरकारी अनुदान भी बंद हो गया था। इसके चलते अस्पताल की इमारत की स्थिति लगातार खराब होती गई और भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गया। अब प्रशासन की ओर से अस्पताल के पुराने स्वरूप को सुधारने और इसे दोबारा जनता के लिए उपयोगी बनाने की कवायद शुरू की गई है। अधिकारियों द्वारा भूमि संबंधी दस्तावेजों और भवन की तकनीकी स्थिति की रिपोर्ट तैयार किए जाने के बाद आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन की इस पहल से लंबे समय से बंद अस्पताल में फिर से चिकित्सा सेवाएं शुरू हो सकेंगी। अस्पताल के दोबारा संचालन से फर्रुखाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को नेत्र जांच और उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने की संभावना है। प्रशासन का उद्देश्य जर्जर भवन का जीर्णोद्धार कर इसे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फिर से उपयोग में लाना है।
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