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उत्तर प्रदेश: प्राथमिक विद्यालय चकबाकर में पढ़ाई व्यवस्था पर उठे सवाल
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर के मनिहारी ब्लॉक अंतर्गत चकबाकर ग्राम सभा के प्राइमरी बिद्यालय में बच्चों की पढ़ाई पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां बच्चे अक्सर घूमते हुए पाए जाते हैं और 2-3 साल से पढ़ रहे छात्र भी अपना नाम
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर के मनिहारी ब्लॉक अंतर्गत चकबाकर ग्राम सभा के प्राइमरी बिद्यालय में बच्चों की पढ़ाई पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां बच्चे अक्सर घूमते हुए पाए जाते हैं और 2-3 साल से पढ़ रहे छात्र भी अपना नाम तक नहीं लिख पाते हैं। जगदीशपुर घुरबीन गांव के रहने वाले 6-7 वर्षीय राजा विश्वकर्मा भी अपना नाम नहीं लिख पाते हैं। जब शिक्षकों से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने शिक्षकों की कमी को इसका कारण बताया। उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी शिक्षकों को 60 से 70 हजार रुपये तक का वेतन दे रही है। इसके बावजूद, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बच्चों की शिक्षा पर ठीक से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रामकेश विश्वकर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया है कि वे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए सभी शिक्षकों को आदेश दें। उन्होंने कहा कि आदेश तो दिए जाते हैं, लेकिन उनका अनुपालन नहीं हो पाता है और प्राइमरी स्कूल सिर्फ दिखावे के लिए चलाए जा रहे हैं। यहां के प्रधान प्रतिनिधि घूरभारी यादव से भी मिडिया के लोग बात किये तो बताये की टीचर व शिक्षा की शिकायत मैं भी कई बार कर चुका हूं लेकिन सुनवाई नहीं हुई आज तक एक लगभग एक वर्ष हो गया पत्रकार रामकेश विश्वकर्मा ने सरकारी स्कूल के शिक्षकों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराएं, ताकि उन्हें वहां की पढ़ाई के स्तर का अनुभव हो सके।