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उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में खाद की दुकानों पर छापेमारी, पांच विक्रेताओं को नोटिस
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: रबी सीजन में खाद की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितता रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अनुज मलिक के निर्देश पर कृषि विभाग और मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीमों ने मेहदावल, धनघटा और ख
विस्तार
उत्तर प्रदेश: रबी सीजन में खाद की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितता रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अनुज मलिक के निर्देश पर कृषि विभाग और मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीमों ने मेहदावल, धनघटा और खलीलाबाद तहसील में उर्वरक की दुकानों पर औचक छापेमारी की। अभियान के दौरान 25 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अनियमितता मिलने पर पांच दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि एक उर्वरक का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। स्टॉक और पॉस मशीन का किया मिलान छापेमारी के दौरान टीमों ने दुकानों पर उपलब्ध खाद के भौतिक स्टॉक का अभिलेखों से मिलान किया। इसके अलावा रेट बोर्ड, वितरण रजिस्टर और पॉस मशीन में दर्ज बिक्री की भी जांच की गई। अधिकारियों ने यह देखा कि दुकानों पर उपलब्ध खाद और रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक में अंतर तो नहीं है तथा किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। पांच दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर पांच उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, एक उर्वरक का नमूना लेकर गुणवत्ता की जांच के लिए भेजा गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी। आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान प्रशासन के अनुसार रबी सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने, कालाबाजारी रोकने और उर्वरकों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने दुकानों पर स्टॉक, बिक्री और वितरण से जुड़े अभिलेखों की नियमित जांच करने की बात कही है।
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