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उत्तर प्रदेश: फर्जी जाति प्रमाणपत्र से नौकरी पाने का आरोप, शिक्षिका की नियुक्ति 2010 से समाप्त
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाणपत्र निरस्त होने के बाद सिद्धार्थनगर में एक शिक्षिका की नियुक्ति समाप्त करने के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संशोधित आदेश जारी किया है। इसमें शिक्षिका की नियुक्ति समाप्त करने की प्रभावी तिथि 7 जुलाई
विस्तार
उत्तर प्रदेश: अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाणपत्र निरस्त होने के बाद सिद्धार्थनगर में एक शिक्षिका की नियुक्ति समाप्त करने के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संशोधित आदेश जारी किया है। इसमें शिक्षिका की नियुक्ति समाप्त करने की प्रभावी तिथि 7 जुलाई 2026 के स्थान पर 30 जुलाई 2010 निर्धारित की गई है। साथ ही, नियुक्ति तिथि से अब तक प्राप्त वेतन की धनराशि की रिकवरी कराने और संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सुनैना गौड़ पुत्री रामचरन की नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय पल्हया, विकास खंड उसका बाजार में सहायक अध्यापक के पद पर 30 जुलाई 2010 को की गई थी। नियुक्ति के समय उन्होंने अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था। जांच के बाद निरस्त हुआ जाति प्रमाणपत्र आदेश में उल्लेख है कि सतर्कता समिति की जांच रिपोर्ट 8 जून 2026 के बाद जनपद स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति की 7 जुलाई 2026 को हुई बैठक की कार्यवृत्ति में संबंधित जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 8 अक्टूबर 2026 को शिक्षिका की नियुक्ति समाप्त करने का आदेश जारी किया था। उस आदेश में नियुक्ति समाप्त करने की प्रभावी तिथि 7 जुलाई 2026 अंकित थी अब संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जारी आदेश को इस आशय से पढ़ा जाए कि शिक्षिका का चयन और नियुक्ति जाति प्रमाणपत्र निरस्तीकरण की तिथि के बजाय नियुक्ति तिथि 30 जुलाई 2010 से समाप्त/निरस्त मानी जाएगी। आदेश की शेष शर्तें यथावत रखी गई हैं। वेतन की धनराशि वसूलने के निर्देश संशोधित आदेश की प्रतिलिपि वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा), सिद्धार्थनगर को भेजकर शिक्षिका को 30 जुलाई 2010 से प्राप्त वेतन की धनराशि की रिकवरी कराने का अनुरोध किया गया है। वहीं, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि शिक्षिका के विरुद्ध संबंधित थाने में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराएं। मानव संपदा पोर्टल पर भी की गई कार्रवाई अंकित करने को कहा गया है। आदेश की प्रतिलिपि शिक्षा निदेशक (बेसिक), सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, जिलाधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी और संबंधित शिक्षिका को भी भेजी गई है।
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