Contact for Advertisement 9650503773


मध्य प्रदेश: ₹40.71 लाख के सहकारी घोटाले के आरोपी को किया गया गिरफ्तार

- Photo by : social media

मध्य प्रदेश  Published by: Mujaffar Khan Shaikh , Date: 30/12/2025 05:54:31 pm Share:
  • मध्य प्रदेश
  • Published by: Mujaffar Khan Shaikh ,
  • Date:
  • 30/12/2025 05:54:31 pm
Share:

संक्षेप

मध्य प्रदेश: अलीराजपुर जिले से कट्ठीवाड़ में सहकारी संस्था से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है।

विस्तार

मध्य प्रदेश: अलीराजपुर जिले से कट्ठीवाड़ में सहकारी संस्था से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस अधीक्षक जिला अलीराजपुर के निर्देशन में थाना कट्ठीवाड़ा पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ₹40.71 लाख के गबन के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. झाबुआ की शाखा कट्ठीवाड़ा के शाखा प्रबंधक श्री उदयसिंह पिता बालु चौहान (उम्र 57 वर्ष) द्वारा एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन के आधार पर बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सेवा सहकारी संस्था मर्यादित, आमखुट के वर्ष 2023-24 के अंकेक्षण में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। अंकेक्षण रिपोर्ट तथा कार्यालय उपायुक्त सहकारिता जिला अलीराजपुर के पत्र क्रमांक विधि/2025/580 दिनांक 19 जून 2025 के अनुसार, तत्कालीन संस्था प्रबंधक/शाखा पर्यवेक्षक श्री गिरधारीलाल पिता गेंदालाल राठौड़, निवासी जोबट रोड, दाहोद नाका, अलीराजपुर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर कुल ₹40,71,146.26 (चालीस लाख इकहत्तर हजार एक सौ छियालिस रुपये छब्बीस पैसे) की शासकीय राशि का गबन किया गया।जांच में सामने आया कि आरोपी ने बैंक चालान की राशि बैंक खातों में जमा नहीं की, ऋण वसूली की राशि केशबुक में दर्ज नहीं की, फर्जी नगद भुगतान दर्शाए तथा ब्याज की सही गणना न कर संस्था को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। इन गंभीर अनियमितताओं के कारण सहकारी संस्था को लाखों रुपये की क्षति हुई।प्रकरण में थाना कट्ठीवाड़ा में अपराध क्रमांक /2025 धारा 420 एवं 409 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर द्वारा ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।पुलिस के सतत प्रयासों और मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी है तथा प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।इस कार्रवाई से सहकारी संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में पुलिस की सख्ती का स्पष्टसंदेश गया है।