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मध्य प्रदेश: पाटन–भेड़ाघाट मार्ग पर ई-बस सेवा शुरू करने की मांग, पाटन पुलिस सहायता केंद्र तक संचालन की अपील
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: पाटन–भेड़ाघाट मार्ग पर नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने जनहित में इस मार्ग पर नियमित ई-बस
विस्तार
मध्य प्रदेश: पाटन–भेड़ाघाट मार्ग पर नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने जनहित में इस मार्ग पर नियमित ई-बस सेवा शुरू करने की मांग उठाई है। बताया गया कि भेड़ाघाट रोड पर पर्याप्त बस सुविधा नहीं होने के कारण कई छात्र-छात्राओं को आवागमन में परेशानी होती है। सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन के अभाव में कई बच्चों द्वारा स्कूल छोड़ने की स्थिति सामने आने की बात भी कही गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जनहित में मांग की गई है कि पाटन से भेड़ाघाट मार्ग पर नियमित ई-बस सेवा शुरू की जाए और बस का संचालन पाटन पुलिस सहायता केंद्र तक किया जाए। विद्यार्थियों, मरीजों और आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त फेरे भी निर्धारित किए जाएं। क्षेत्रवासियों ने इस मार्ग से जुड़े सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से मामले में विशेष ध्यान देने की अपील की है। विशेष रूप से पाटन, शहपुरा, पनागर, पश्चिम विधानसभा क्षेत्र तथा कैंट क्षेत्र के विधायक और माननीय सांसद से सार्वजनिक परिवहन की इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर उठाने का आग्रह किया गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे भी अन्य क्षेत्रों की तरह सुगम और नियमित बस सेवा के माध्यम से सफर करना चाहते हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक परिवहन कोई विलासिता नहीं, बल्कि आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है। ई-बस सेवा शुरू होने से विद्यार्थियों, मरीजों, कर्मचारियों और ग्रामीण यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
वहीं, इसी मार्ग पर महाकौशल क्षेत्र का प्रमुख चिकित्सा संस्थान नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल स्थित है। पाटन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों तथा उनके परिजनों को अस्पताल पहुंचने के लिए कई स्थानों पर बस बदलनी पड़ती है। इससे गंभीर मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
