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मध्य प्रदेश: सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर जिले के पत्रकारों ने जताया विरोध

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मध्य प्रदेश  Published by: Jugal Kishor Pathak , Date: 13/02/2026 04:01:53 pm Share:
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  • Published by: Jugal Kishor Pathak ,
  • Date:
  • 13/02/2026 04:01:53 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: जिले में बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान जबरन बैरिकेटिंग तोड़कर अंदर प्रवेश करने के बाद परिसर में मौजूद पत्रकारों के साथ की गई अभद्रता मारपीट और पत्थरबाजी के मामले में देर रात कोतवाली थाना में 3 लोगों पर नामजद

विस्तार

मध्य प्रदेश: जिले में बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान जबरन बैरिकेटिंग तोड़कर अंदर प्रवेश करने के बाद परिसर में मौजूद पत्रकारों के साथ की गई अभद्रता मारपीट और पत्थरबाजी के मामले में देर रात कोतवाली थाना में 3 लोगों पर नामजद और एक अज्ञात पर बीएनएस और एससीएसटी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में महेंद्र लोधी निवासी दमोह, पुष्पेंद्र लोधी निवासी चंडीचौपरा, पुष्पेंद्र लोधी निवासी आरोपी बनाए गए है। आरोप है कि इन लोगों द्वारा कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ अभद्रता, मारपीट करते उनके साथ छीनाझपटी की गई। इस दौरान एक अनुसूचित जाति के पत्रकार के साथ भी आरोपियों द्वारा मारपीट की गई है। इस घटनाक्रम के बाद भी असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार सोशल मीडिया पर अभद्र, भड़काऊ और जातिगत संघर्ष को बढ़ावा देने वाली पोस्ट और वीडियो की जाती रही और प्रशासनिक अधिकारियों के संबंध में भी अत्यंत अपमानजनक टिप्पणियां की जाती रही। इस घटना के बाद जिले भर के पत्रकारों ने अपना विरोध जताया और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष जताया और इस तरह का कृत्य करने बालों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।

अपराध को छिपाकर बना रहे जातीय संघर्ष इस पूरे मामले में जिले भर के पत्रकारों ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। पत्रकारों का कहना है कि कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को पत्रकार लिखते हुए लगातार वैमनस्यता और जातिगत संघर्ष बढ़ाने की मंशा से आपत्तिजनक पोस्ट और लाइव वीडियो चलाए जा रहे है। ऐसे लोग राजनीतिक लाभ की मंशा के साथ, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे पर हिंसा या उपद्रव की स्तिथि बनाना चाहते है। सामने आए पोस्ट और वीडियो से यह स्पष्ट है कि इस पूरे घटनाक्रम में मीडियाकर्मियों के साथ की गई अभद्रता और मारपीट को छिपाते हुए, इसे वर्ग संघर्ष का मुद्दा बनाने और मामले के आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पत्रकारों ने की कार्यवाही की मांग इन सभी स्थितियों के चलते बड़ी संख्या में पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले से जुड़े बिंदुओं से पुलिस को अवगत कराया। इसके साथ ही जनसंपर्क अधिकारी वायएस कुरैशी से मिलकर फर्जी पत्रकार बन सोशल मीडिया पर सद्भाव बिगाड़ रहे लोगों पर कार्यवाही की मांग की है।