Contact for Advertisement 9650503773


मध्य प्रदेश: पोरसा के इन्नीखेरा-रजौधा में श्रीमद् भागवत कथा हुई आयोजित, मर्यादा स्थापना स्वरूप का भावपूर्ण वर्णन

- Photo by : social media

मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 20/04/2026 01:55:12 pm Share:
  • मध्य प्रदेश
  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 20/04/2026 01:55:12 pm
Share:

संक्षेप

मध्य प्रदेश: क्षेत्र के इन्नीखेरा-रजौधा स्थित श्री जगन्नाथ बगिया में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा का आयोजन श्रीमती गिरिजा देवी गजसिंह तोमर के सान्निध्य में किया जा रहा है,

विस्तार

मध्य प्रदेश: क्षेत्र के इन्नीखेरा-रजौधा स्थित श्री जगन्नाथ बगिया में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा का आयोजन श्रीमती गिरिजा देवी गजसिंह तोमर के सान्निध्य में किया जा रहा है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं। कथा के दौरान आचार्य सुनील मिश्रा शास्त्री ने भगवान श्री राम के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान विष्णु ने श्री राम के रूप में पृथ्वी पर अवतार लेकर मर्यादा, धर्म और आदर्शों की स्थापना की। उन्होंने बताया कि उस समय रावण जैसे अत्याचारी असुरों के अत्याचारों से पृथ्वी त्रस्त थी, तब भगवान ने अवतार लेकर अधर्म का नाश किया और राम राज्य की स्थापना की। आचार्य शास्त्री ने कथा को विस्तार देते हुए बताया कि अयोध्या के राजा दशरथ के कोई संतान नहीं थी। इसके लिए उन्होंने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया, जिसके फलस्वरूप भगवान श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ। बाल्यकाल से ही श्री राम ने अपनी दिव्य शक्ति का परिचय देते हुए असुरों का संहार करना प्रारंभ कर दिया था।

कथा में आगे बताया गया कि राक्षसी शूर्पणखा की नाक-कान काटे जाने के बाद उसके भाई रावण ने माता सीता का हरण कर लिया। इसके बाद भगवान श्री राम ने अपने परम भक्त हनुमान को सीता जी की खोज के लिए भेजा। हनुमान जी ने लंका पहुंचकर माता सीता का पता लगाया और संदेश प्रभु तक पहुंचाया। आचार्य ने बताया कि इसके पश्चात भगवान श्री राम ने वानर सेना के साथ लंका पर चढ़ाई की और रावण का वध कर अधर्म का अंत किया। माता सीता को वापस अयोध्या लाकर उन्होंने राम राज्य की स्थापना की, जहां प्रजा पूर्णतः सुखी और संतुष्ट थी। उन्होंने कहा कि राम राज्य आदर्श शासन व्यवस्था का प्रतीक है, जिसमें न्याय, समानता और धर्म का पालन सर्वोपरि होता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए और “जय श्री राम” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आयोजन की व्यवस्थाओं में सत्यवान सिंह तोमर, चंद्रभान सिंह तोमर, राजेश सिंह तोमर, बृजेश सिंह तोमर, रामकिशोर सिंह तोमर (दद्दू) सहित समस्त ग्रामवासी एवं भक्तों का सराहनीय योगदान रहा।

Related News

राजस्थान: राजकन्या (योगिता) क BPS राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी, पत्रकारिता जगत में खुशी की लहर

मध्य प्रदेश: बसपा ने रवि गौतम को सौंपी भीतरवार विधानसभा महासचिव की जिम्मेदारी, संगठन विस्तार पर जोर

उत्तर प्रदेश: करंडा क्षेत्र में किशोरी की हत्या से तनाव, ग्रामीणों में आक्रोश, जांच में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के तहत बड़ा धार्मिक आयोजन, महादेवा शिव मंदिर में हुआ रुद्राभिषेक व दीप उत्सव

मध्य प्रदेश: पोरसा में ‘विश्रुत श्रुत मंथन शिविर’ का भव्य समापन, मेधावी छात्राओं का हुआ सम्मान

मध्य प्रदेश: सीधी में दलित महिला से कथित पुलिस अभद्रता का मामला गरमाया, नेहा जाटव ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप


Featured News