Contact for Advertisement 9650503773


उत्तराखंड: गंगोलीहाट में जल संकट गहराया जल जीवन मिशन पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश

- Photo by : social media

उत्तराखंड  Published by: Likhit Pant , उत्तराखंड  Edited By: Kunal, Date: 20/04/2026 11:44:58 am Share:
  • उत्तराखंड
  • Published by.: Likhit Pant ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 20/04/2026 11:44:58 am
Share:

संक्षेप

उत्तराखंड: पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ की जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। पेयजल निगम द्वारा संचालित रामेश्वर से बेलपट्टी चहज़ तक की पंपिंग योजना वर्ष 2021-22 से निर्माणाधीन है

विस्तार

उत्तराखंड: पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ की जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। पेयजल निगम द्वारा संचालित रामेश्वर से बेलपट्टी चहज़ तक की पंपिंग योजना वर्ष 2021-22 से निर्माणाधीन है, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी यह परियोजना पूर्ण होने के बजाय भ्रष्टाचार और लापरवाही का पर्याय बन गई है। इस लंबी देरी और अधूरे निर्माण कार्यों ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश भर दिया है। परियोजना का सबसे बुरा असर ग्राम सभा पिप्ली निगल्टी के 'तोक कफलना' में देखने को मिल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल निगम ने विभाग की फाइलों में काम को पूरा दिखाने के लिए कुछ घरों तक पाइप लाइन तो बिछा दी, लेकिन हकीकत यह है कि इन लाइनों में पानी की एक बूंद भी नहीं आ रही है। कागजों में जो कार्य प्रगति पर बताया जा रहा है, वह धरातल पर नदारद है, जिसके कारण कफलना के 25 से 30 परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

गर्मियों के इस भीषण मौसम में जब पेयजल की मांग बढ़ जाती है, तब इन परिवारों की स्थिति और भी विकट हो जाती है। गांव के पारंपरिक जल स्रोत—नौले और धारे—भी सूखने की कगार पर हैं। मजबूरन ग्रामीणों को अपनी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च कर निजी वाहनों के माध्यम से पानी मंगवाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। आर्थिक बोझ और जल संकट के दोहरी मार ने ग्रामीणों का जीवन दुभर कर दिया है।

ग्रामीणों ने इस संदर्भ में कई बार पेयजल निगम के स्थानीय कार्यालय से संपर्क किया और सीएम हेल्पलाइन पर भी अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन हर बार उन्हें रटा-रटाया जवाब मिलता है कि 'कार्य प्रगति पर है'। ग्रामीणों का कहना है कि यह जवाब उनके जले पर नमक छिड़कने जैसा है। प्रशासन की इस उदासीनता और विभागीय कार्यशैली के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए जितेंद्र बूँगला, सोनू बूँगला, नरेंद्र सिंह, प्रकाश सिंह, राहुल सिंह, रुपेश जोशी, संतोष जोशी और बॉबी बूँगला ने सरकार से तत्काल प्रभाव से इस योजना की जांच कराने और गांव में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की व्यवस्था नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

Related News

राजस्थान: राजकन्या (योगिता) क BPS राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी, पत्रकारिता जगत में खुशी की लहर

मध्य प्रदेश: बसपा ने रवि गौतम को सौंपी भीतरवार विधानसभा महासचिव की जिम्मेदारी, संगठन विस्तार पर जोर

उत्तर प्रदेश: करंडा क्षेत्र में किशोरी की हत्या से तनाव, ग्रामीणों में आक्रोश, जांच में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के तहत बड़ा धार्मिक आयोजन, महादेवा शिव मंदिर में हुआ रुद्राभिषेक व दीप उत्सव

मध्य प्रदेश: पोरसा में ‘विश्रुत श्रुत मंथन शिविर’ का भव्य समापन, मेधावी छात्राओं का हुआ सम्मान

मध्य प्रदेश: सीधी में दलित महिला से कथित पुलिस अभद्रता का मामला गरमाया, नेहा जाटव ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप


Featured News