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मध्य प्रदेश: साढ़े तीन साल के सिब्तैन अली पठान ने रखा अपनी जिंदगी का पहला रोजा, परिवार ने दी मुबारकबाद

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मध्य प्रदेश  Published by: Riyaz Mohammad Khan , Date: 05/03/2026 10:28:27 am Share:
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  • 05/03/2026 10:28:27 am
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: इसी के बीच नर्सरी क्लास के एक साढ़े तीन साल के बच्चे ने अपनी जिंदगी का पहला रोजा रखा, इस पर्व के चलते मस्जिदों में नमाजियों ओर रोजदारों से अलग ही रौनक नजर आ रही है रमजान के दूसरे आसरे

विस्तार

मध्य प्रदेश: इसी के बीच नर्सरी क्लास के एक साढ़े तीन साल के बच्चे ने अपनी जिंदगी का पहला रोजा रखा, इस पर्व के चलते मस्जिदों में नमाजियों ओर रोजदारों से अलग ही रौनक नजर आ रही है रमजान के दूसरे आसरे का 14 वा रोजा बुधवार को पुरा हुआ,  हर कोई इस महिने की इबादत में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं । अपने गुनाहों की माफी अपने रब से मांग रहै है । इबादतों ओर बख्शिशों का यह महिना सभी के लिए खास होता है ।  मुस्लिम समाज इन दिनों रोजे नमाज ओर इबादत में मश्गुल रहकर  दिनभर भूख प्यास की शिद्दत के बाद शाम को रोजा इफ्तार किया जाकर मुल्क मे अमन चैन कि दुआ करते हैं  इसमें बड़े बुजुर्ग, मर्द, महिलाओं के छोटा बड़ा बच्चे सभी रोजा रख रहे हैं । इसी कड़ी में बच्चे भी रमजान की इस इबादत और रोजे रखने से पिछे नहीं है साढ़े तीन साल के सिब्तैन अली पिता साहेब पठान ने अपना पहला रोजा रखा और रमजान का चोदह वा रोजा पुरा किया, अपनी अम्मी पापा और दादी, दादू से जिद  कि में भी रोजा रखुगा ।


 उसने सुबह पांच बजे उठ कर सेहरी की व रोजे की नियत कर के रोजा रखा और दिनभर कुछ नहीं खाएं बीना अपना रोजा पुरा किया । ओर शाम को 6 बजे के बाद रोजा इफ्तार के समय अपने परिवार  कै साथ रोजा पुरा कीया । साढे तीन  साल का सिब्तैन साहेब का होंसला देखकर हर किसी ने खुशी का इजहार करते रहे,  सभी ने अल्लाह से उसका रोजा कबुल होने की दुआ की यह उसकी जिंदगी का पहला रोजा था । घर परिवार व वालिद के दोस्त अहबाब ने उसका रोजा पुरा होने पर उसे हारो से इस्तकबाल कर के रोजे की मुबारकबाद दी । मासूम बच्चे के इस होंसले की सभी ने सराहना की । रोजा रखने के बाद बच्चे का दिनभर बड़ा ख्याल रखा गया ताकी कुछ खा ना लें मगर उसने दिनभर कुछ भी नहीं खाया और शाम को सभी के साथ अफ्तियारं किया और रोजा उसने अपना खोला रोजा खोलने के पश्चात मासूम सिब्तैंन अली  का सभी ने इस्तकबाल किया और उसे दुआओं से नवाजा ।


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