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मध्य प्रदेश: प्रसव के बाद महिला की मौत, मायके पक्ष ने लगाए मारपीट के आरोप
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: प्रसव के बाद झांसी अस्पताल में मौत होने के बाद मृतका सुदीक्षा पत्नी देवेंद्र उर्फ स्वप्निल गुर्जर 26 निवासी धनौटी थाना क्षेत्र पंडोखर अनुभाग भांडेर के दबोह जिला भिंड निवासी मायके पक्ष के स्वजनों की मांग पर मं
विस्तार
मध्य प्रदेश: प्रसव के बाद झांसी अस्पताल में मौत होने के बाद मृतका सुदीक्षा पत्नी देवेंद्र उर्फ स्वप्निल गुर्जर 26 निवासी धनौटी थाना क्षेत्र पंडोखर अनुभाग भांडेर के दबोह जिला भिंड निवासी मायके पक्ष के स्वजनों की मांग पर मंगलवार को पंडोखर पुलिस तथा तहसीलदार सुनील भदौरिया की मौजूदगी में गठित डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा भांडेर पीएम हाउस पर पीएम के उपरांत शव मृतका के स्वजनों को सौंप दिया। जिसका अंतिम संस्कार धनौटी में कर दिया गया। इस मामले में मृतका के बड़े भाई ओमवीर सिंह गुर्जर का आरोप था कि उसका पति देवेंद्र उसके साथ मारपीट करता था। वहीं, मृतका के पति देवेंद्र का कहना है कि हम दोनों के बीच खुशनुमा माहौल रहता था और डिलीवरी के बाद उसका बीपी अचानक हाई हो जाने से उसकी असमय मौत उपचार के दौरान हुई है। इस मामले को देख रहे एएसआई थाना पंडोखर शैलेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि मृतका के मायके पक्ष के लोगों की मांग पर भांडेर में तहसीलदार की मौजूदगी में पीएम कराया गया। अब आगे पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है कि सुदीक्षा की मौत की असल वजह क्या थी। इस मामले में जो जानकारी मिली उसके अनुसार, रविवार देर रात सुदीक्षा को प्रसव पीड़ा होने पर उसे धनौटी से नजदीक समथर जिला झांसी उप्र के अस्पताल ले जाया गया। लेकिन यहां से उसे मोंठ जिला झांसी के अस्पताल को रेफर किया गया। यहां उसने सोमवार की सुबह सामान्य डिलीवरी में करीब सात बजे एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। पति देवेंद्र के अनुसार, सब कुछ सामान्य था। लेकिन अचानक सुबह 10 बजे उसे बीपी हाई की समस्या हुई और ब्लीडिंग होने लगी। जब नर्सों के नियंत्रण से स्थिति बाहर हो गई तो उन्होंने सुदीक्षा को झांसी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जहां दोपहर करीब बारह बजे उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के भाई ओमवीर के अनुसार, दो दिसंबर 2024 में उसकी देवेंद्र के साथ शादी की थी। शादी वाले दिन से ही देवेंद्र ने असहयोगात्मक रवैया अपनाना शुरू कर दिया था। कई बार समझाया लेकिन उसने समझने का प्रयास नहीं किया। ओमवीर के अनुसार, तीन बहिनों और दो भाइयों में सुदीक्षा तीसरे नंबर की थी। फिलहाल नवजात शिशु बालक को झांसी के एक प्राइवेट अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया है। देवेंद्र के अनुसार, पत्नी चल बसी। लेकिन उसने जो निशानी छोड़ी है अब उसी के लिए उसका जीवन समर्पित रहेगा।
