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Murder Crime News: साझे मकान को लेकर शुरू हुआ विवाद, बड़े भाई की हत्या का लगा आरोप

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मध्य प्रदेश  Published by: Shubhi Shikha Nayal , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 26/08/2026 03:51:56 pm Share:
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  • Published by.: Shubhi Shikha Nayal ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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  • 26/08/2026 03:51:56 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: चित्रकूट में संपत्ति के विवाद ने एक परिवार के रिश्तों में ऐसी दरार पैदा कर दी कि बड़े भाई की कथित तौर पर हत्या कर दी गई।

विस्तार

मध्य प्रदेश: चित्रकूट में संपत्ति के विवाद ने एक परिवार के रिश्तों में ऐसी दरार पैदा कर दी कि बड़े भाई की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। मामला चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र से सामने आया हैं, जहां साझा मकान को अपने नाम कराने को लेकर मनोज पाल लगातार दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि जब उन्होंने मकान छोड़ने से इनकार किया तो उन्हें अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई।

मकान और जमीन का हो चुका था बंटवारा

जानकारी के अनुसार मूल रूप से बांदा जिले के जसपुरा थाना क्षेत्र के गौरीकला निवासी देवीचरन पाल करीब 35 वर्ष पहले हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर में रहने लगे थे। उनके दो बेटे मनोज पाल और अनिल पाल थे। देवीचरन ने अपने जीवनकाल में संपत्ति का बंटवारा कर दिया था। परिवार के बीच सात बीघा जमीन और दो मकानों को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं था। विवाद एक साझा मकान को लेकर बना हुआ था। बताया जा रहा हैं की मनोज पाल करीब 20 वर्ष पहले अपने हिस्से का एक मकान बेचकर परिवार के साथ चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र के बैहार गांव में रहने लगे थे। उनकी पत्नी पट्टी देवी ने आरोप लगाया था कि अनिल पाल और उनकी पत्नी रेखा साझा मकान को अपने नाम कराने के लिए मनोज पर दबाव बना रहे थे। आरोप है कि मकान अपने नाम कराने के बाद उसे किसी ब्रोकर के माध्यम से बेचने की योजना थी।

पहले पांच लाख रुपये देने का प्रस्ताव

पुलिस की जांच में सामने आया हैं की मनोज को मकान छोड़ने के लिए पहले दबाव बनाया गया, जब वह तैयार नहीं हुए तो मकान बेचने के बदले उन्हें पांच लाख रुपये देने की शर्त रखी गई, जिसके के लिए एक ब्रोकर को भी बुलाया गया, लेकिन मनोज ने मकान पर अपना अधिकार छोड़ने से इनकार कर दिया। आरोप है कि 19 अगस्त को अनिल पाल का बेटा हिमांशु कार लेकर बैहार पहुंचा और मनोज को शिवरामपुर से अपने साथ ले गया। इसके बाद उन्हें भरुआ सुमेरपुर स्थित मकान में ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक वहां रातभर मनोज पर साझा मकान अपने नाम करने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है।

बांध के पास हत्या का आरोप

बताया जा रहा हैं की अगले दिन ब्रोकर के पहुंचने के बाद भी मनोज मकान छोड़ने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद अंधेरा होने पर उन्हें कार से मऊरानीपुर के पास पहाड़ी बांध ले जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपितों ने मनोज के हाथ-पैर बांधकर गला घोंटने और शव को पानी में फेंकने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के कबूलनामे के बाद मंगलवार को भरतकूप पुलिस की टीम पट्टी देवी को साथ लेकर मऊरानीपुर के पहाड़ी बांध पहुंची। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से बांध के पानी में मनोज की तलाश कराई। टीम ने पूरे दिन अभियान चलाया, लेकिन शाम तक शव बरामद नहीं हो सका। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार, आरोपितों द्वारा मनोज की हत्या किए जाने की बात स्वीकार किए जाने के बाद मामले में हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। पुलिस अब शव की तलाश के साथ मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।