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Pakistan-China Military Exercise: देश के दो बड़े दुश्मनों की फारस की खाड़ी में होने वाली हैं नेवल एक्सरसाइज, भारत की रहेंगी पैनी नजर
देश के दो बड़े दुश्मनों की फारस की खाड़ी में होने वाली हैं नेवल एक्सरसाइज - Photo by : Social Media
संक्षेप
चीन और पाकिस्तान की दोस्ती आज तक किसी से छुपी नहीं हैं। कैसे पर्दे के पीछे चीन हमेशा पाकिस्तान को सपोर्ट करता है। ऐसे में जल्द ही समंदर में दोनों देश खुलकर सामने आ रहे है। आपको बता दें कि चीन और पाकिस्तान समुन्द्र में नेवल एक्सरसाइज करने वाले है। यह एक नौसैन्य अभ्यास होगा।
विस्तार
Pakistan-China Military Exercise: चीन और पाकिस्तान की दोस्ती आज तक किसी से छुपी नहीं हैं। कैसे पर्दे के पीछे चीन हमेशा पाकिस्तान को सपोर्ट करता है। ऐसे में जल्द ही समंदर में दोनों देश खुलकर सामने आ रहे है। आपको बता दें कि चीन और पाकिस्तान समुन्द्र में नेवल एक्सरसाइज करने वाले है। यह एक नौसैन्य अभ्यास होगा। एक -दूसरे की ताक़त को परखने और कमजोरी जानने के लिए यह अभ्यास किया जाता हैं। आपसी रिश्तों को मजबूती प्रदान करने का भी एक अच्छा सोर्स माना जाता हैं। इजरायल और हमास वॉर के बीच नेवल एक्सरसाइज फारस की खाड़ी की खाड़ी तक आ पंहुचा हैं चीनी युद्धपोत
मिडिल ईस्ट में इजरायल और हमास के बीच युद्ध चल रहा है। इस वॉर पर चीन और पाकिस्तान की भी नजरें जमीं हुई हैं। ऐसे में दोनों देश नेवल अभ्यास की तैयारी में जुट गए हैं। नवंबर के मीड वीक में दोनों देश समुन्द्र में नौसैन्य अभ्यास की शुरआत करेंगे। यह एक जॉइंट एक्सरसाइज है। पाकिस्तानी नौसेना के साथ चीन की पनडुब्बियां और युद्धक जहाज फारस की खाड़ी की ओर आगे बढ़ना शुरू कर देंगे। भारत दूर से दोनों पर आँखे गड़ाये रहेगा। चीन की 039 पनडुब्बी को भारत ने पहले ही ट्रैक कर लिया हैं। इसके हिन्द महासागर में घुसने की बात सामने आई हैं। भारत पी-8आई एंटी-सबमरीन वारफेयर एयरक्राफ्ट के जरिए चीनी पनडुब्बियों पर नजरें रख रहा है. इसके अलावा प्रीडेटर ड्रोन का भी इस्तेमाल कर के चीन के मंसूबों पर भी निगाहें टिकाये हुए हैं।
सरकार के हवाले से खबर बाहर आ रही हैं कि 'एक ड्रेस्ट्रॉयर, फ्रिगेट और एक टैंकर जहाज समेत चीनी नौसेना के युद्धपोत अक्टूबर की स्टार्टिंग से ही फारस की खाड़ी में मुस्तैद हैं। वे 45वीं एंटी पाइरेसी एस्कॉर्ट फोर्स को एंटी-पाइरेसी ड्यूटी सौंप कर यहां पहुंचे हैं.' सूत्रों ने बताया कि फारस की खाड़ी में मौजूद चीन के तीन युद्धपोत 45वीं एंटी पाइरेसी एस्कॉर्ट फोर्स थे, जो मई 2023 से ही एक्टिव हो चुके थे. चीन हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक अपनी हक़दारी को दिखने की कोशिश पहले से ही कर रह है।
अमेरिका के युद्धपोतों पर चीन-पाकिस्तान की है तिरछी नजर
भारत ने जिस चीनी पनडुब्बी को ट्रैक किया है, उसके साथ सबमरीन सपोर्ट वैसल यानी पनडुब्बी की मदद करने वाला जहाज भी मौजूद है। इस जहाज के जरिए पनडुब्बी काफी दूरी से ही अपने ऑपरेशन को अंजाम दे सकती हैं। फारस की खाड़ी में चीन-पाकिस्तान के युद्ध -पोत आगे बड़ रहे है। अमेरिका ने इजरायल पर हमास के हमले के बाद यहां पर अपने युद्धपोतों को भी तैनात किया हुआ है। चीनी और पाकिस्तानी अमेरिका की हर गतिविधि पर भी आराम से नजर रख पाएंगे.
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