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राजस्थान: कोटपूतली में धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया होली महापर्व

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 05/03/2026 10:42:58 am Share:
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  • 05/03/2026 10:42:58 am
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संक्षेप

राजस्थान:  कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में दो दिवसीय होली महापर्व बड़े ही धूमधाम, हर्षोल्लास, आपसी सौहार्द व भाईचारे के साथ मनाया गया। विगत सोमवार 02 मार्च व मंगलवार 03 मार्च की मध्य रात्रि को दिल्ली

विस्तार

राजस्थान:  कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में दो दिवसीय होली महापर्व बड़े ही धूमधाम, हर्षोल्लास, आपसी सौहार्द व भाईचारे के साथ मनाया गया। विगत सोमवार 02 मार्च व मंगलवार 03 मार्च की मध्य रात्रि को दिल्ली दरवाजा स्थित पॉवर हाउस के पास मस्जिद के सामने यहां की करीब 150 वर्ष पूरानी परम्परागत मुख्य होली का दहन मुख्य यजमान पटेल परिवार की और से कांग्रेस नेता भीम पटेल सहित राज व अमन पटेल ने पं. प्रदीप शांडिल्य के सानिध्य में श्रेष्ठ मुहुर्त मध्य रात्रि करीब 02 बजे विधि विधान के अनुरूप वेदमंत्रोच्चार के साथ पूजन अर्चन कर शास्त्रीय आज्ञा के अनुरूप ही किया। इस मौके पर भीम पटेल ने अपने संबोधन में क्षेत्रवासियों को होली की बधाई देते आपसी सौहार्द व भाईचारे के साथ होली मनाने व युवाओं को धुलण्डी पर्व पर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। जिसके उपरान्त आमजन ने होली में जौ की बालियां सेंकी। 

इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। इसके उपरांत प्रहलाद का विसर्जन परम्परा अनुसार पास स्थित मस्जिद परिसर के प्राचीन कुऐं में किया गया। वहीं कस्बे के आजाद चौक स्थित होली, मौहल्ला बड़ाबास व बुचाहेड़ा, कृष्णा टॉकिज के पास मौहल्ला बाछड़ी, अवध बिहारी मंदिर समेत विभिन्न स्थानों पर भी होलिका दहन किया गया। आजाद चौक में श्री गंगा मंदिर के महंत पं. शंकर लाल शर्मा ने होली की पूजा अर्चना करवाई। होली का दहन के समय एएसपी नाजिम अली, डीएसपी राजेन्द्र बुरडक, एसएचओ राजेश शर्मा व्यवस्थायें बनाते नजर आये। वहीं दुसरी ओर मंगलवार 03 मार्च को प्रातः 06.55 बजे से चंद्रग्रहण सुतक काल प्रारम्भ होने के चलते रंगों का पर्व धुलण्डी बुधवार को मनाया गया। कुछ स्थानों पर 03 मार्च को भी लोगों ने रंगोत्सव मनाया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर आमजन ने अपार जोश व उत्साह के साथ इस पर्व में भाग लेते हुये एक- दूसरे को रंग लगाकर व गले मिलकर होली की शुभकामनायें दी। वहीं छोटो ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। 

वहीं धुलण्डी पर्व पर विभिन्न मंदिरों व देव स्थानों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे के रंग लगाकर बधाई व शुभकामनायें दी। जगह-जगह चंग की थाप पर लोग थिरकते हुये दिखाई दिये। इस वर्ष होली का जश्न आमजन ने जमकर मनाया।  सदियों पूरानी है कोटपूतली की मुख्य होली :- उल्लेखनीय है कि कस्बे की पॉवर हाऊस स्थित मुख्य होली करीब 150 वर्ष पूरानी खेतड़ी रिसायतकालीन होली हैं। जिसका परम्परागत रूप से दहन मुख्य यजमान पटेल परिवार द्वारा किया जाता है। आजादी से पूर्व खेतड़ी रियासत द्वारा कोटपूतली क्षेत्र में 120 गाँवों पर पटेल परिवार की नियुक्ति की गई थी। जिसके बाद से ही पटेल परिवार के पूर्वज मोतीलाल पटेल द्वारा होली का दहन की परम्परा शुरू की गई। जिसे पटेल परिवार द्वारा निरन्तर निभाया जा रहा है। उक्त होली यहाँ हिन्दू मुस्लिम के साम्प्रदायिक सौहार्द, आपसी प्रेम व भाईचारे का भी प्रतीक है। जिसका दहन यहाँ की नूरी मस्जिद के सामने होता है। 

साथ ही होलिका दहन में भक्त प्रहलाद को बचाने के बाद मस्जिद परिसर में स्थित एक पुरातन कुऐं में उसे विसर्जित किया जाता है। होलिका दहन के पर्व में मुस्लिम बंधु भी उत्साह के साथ भाग लेते हैं। इस होली दहन में बड़ी संख्या में महाजन परिवार व चार मौहल्लों के ब्राह्मण एवं पुरोहित परिवार समेत सभी समाजों के लोग सम्मिलित होते रहे हैं। इसको लेकर यह कहावत भी है की जब तक मोती पटेल की गुड़ की भेली नहीं आ जायेगी तब तक कोटपूतली की होली नहीं मंगलेगी, कालान्तर में देश की आजादी के बाद भी परम्पराओं का निर्वहन इनके द्वारा बखूबी किया जाता रहा है। पटेल के पद को 90 के दशक तक स्व. श्री हिरालाल पटेल द्वारा सुशोभित किया गया। वर्तमान में भी पटेल परिवार द्वारा इस गौरवशाली परंपरा का निर्वहन अपने पूर्वजों की तरह ही किया जा रहा है।
 


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